रिपोर्ट: शुभम सिंह | बांदा, उत्तर प्रदेश
बांदा शहर के वार्ड नंबर 10 स्थित शंकर नगर और आजाद नगर में लंबे समय से बिजली व्यवस्था की बदहाली स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। गलियों में झूलते अस्थाई बिजली के तार और कमजोर विद्युत व्यवस्था किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय निवासियों की समस्याओं को सुना और मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
गलियों में लटकते तार बने हादसे की वजह
शंकर नगर और आजाद नगर के कई हिस्सों में अभी तक पर्याप्त बिजली के खंभे और सुरक्षित लाइनें नहीं लगाई गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें मजबूरी में अपने खर्च पर अस्थाई तार डालकर बिजली की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इन तारों की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश या हल्की हवा में भी करंट फैलने का खतरा बना रहता है।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि कई जगहों पर बिजली के तार घरों की छतों और गलियों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। बच्चे और राहगीर हर समय खतरे के बीच निकलने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उठाई मजबूत आवाज
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि वार्ड नंबर 10 में बिजली व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को केवल कागजी दावे करने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन तारों के नीचे रहने को मजबूर हैं। गलियों में झूलते तार किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रशासन और बिजली विभाग को तुरंत स्थाई समाधान करना चाहिए।”
राजेश दीक्षित ने यह भी कहा कि क्षेत्र में नई विद्युत लाइनें और मजबूत खंभे लगाए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।
प्रशासन से रखी गई प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग शंकर नगर और आजाद नगर में नए बिजली खंभे लगाने और सुरक्षित लाइन बिछाने की रही।
शंकर नगर में नए पोल लगाने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि शंकर नगर स्थित संतोष कुमार द्विवेदी के निवास वाली गली में जल्द से जल्द मजबूत विद्युत खंभे लगाए जाएं ताकि स्थानीय लोगों को सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिल सके।
आजाद नगर में भी विद्युत व्यवस्था सुधारने की मांग
आजाद नगर में आरिफ निजामी की गली में भी बिजली के पोल और स्थाई लाइन की आवश्यकता बताई गई। लोगों ने कहा कि यहां वर्षों से अस्थाई व्यवस्था के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है।
थ्री फेस और रोड लाइट लगाने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि दोनों मोहल्लों में थ्री-फेस लाइन, न्यूट्रल लाइन और रोड लाइट की सुविधा शुरू की जाए ताकि बिजली की समस्या के साथ-साथ अंधेरे की परेशानी भी खत्म हो सके।
बरसात से पहले जलभराव बना बड़ी चिंता
दौरे के दौरान क्षेत्रवासियों ने जलभराव की समस्या भी कांग्रेस नेताओं के सामने रखी। लोगों ने बताया कि हर वर्ष बारिश के मौसम में गलियां पानी से भर जाती हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। कई घरों में पानी घुसने की भी समस्या रहती है।
इस मुद्दे पर बोलते हुए राजेश दीक्षित ने कहा कि प्रशासन की ओर से नालों और नालियों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन असली स्थिति पहली बारिश के बाद ही सामने आएगी।
उन्होंने कहा,
“फिलहाल नालों और रास्तों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था कितनी कारगर साबित होगी, इसकी असली परीक्षा बरसात में होगी।”
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
क्षेत्र के लोगों ने कहा कि कई बार शिकायत देने के बावजूद अभी तक स्थाई समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल देते हैं।
स्थानीय निवासी अभिषेक कुमार द्विवेदी और दीपक शुक्ला ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। बारिश के दौरान गलियों में करंट उतरने का डर बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक
इस दौरे में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा खान, पूर्व सभासद रानी देवी श्रीवास, जिला कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष संतोष कुमार द्विवेदी और आरिफ निजामी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर उपस्थित रहे और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों ने एक स्वर में मांग की कि बिजली और जलभराव जैसी बुनियादी समस्याओं का स्थाई समाधान जल्द किया जाए।
लोगों को अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
शंकर नगर और आजाद नगर के निवासियों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा। यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर काम चाहिए ताकि आने वाले समय में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
