ब्यूरो रिपोर्ट: कबीर | मुजफ्फरनगर
गुमशुदा बच्चों की तलाश अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता
मुजफ्फरनगर पुलिस को गुमशुदा बच्चों की तलाश अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एएचटी थाना पुलिस ने लावारिस हालत में घूम रहे दो नाबालिग किशोरों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलवा दिया। लंबे समय बाद बच्चों को सुरक्षित देखकर परिवारों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों किशोर पिछले कई महीनों से लापता थे और उनके संबंध में अलग-अलग थानों में गुमशुदगी के मामले दर्ज थे। पुलिस की तत्परता से दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया।
एसएसपी के निर्देशन में चल रहा विशेष अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जनपदभर में गुमशुदा और लापता बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के निकट पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी एएचटी सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
रोडवेज बस स्टैंड और जिला अस्पताल के पास मिले किशोर
पुलिस को रविवार को सूचना मिली थी कि रोडवेज बस स्टैंड और जिला चिकित्सालय क्षेत्र के आसपास दो नाबालिग किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे हैं।
सूचना मिलते ही एएचटी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को उनके संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
दो साल से दर्ज था गुमशुदगी का मामला
पुलिस जांच में पता चला कि जिला अस्पताल क्षेत्र से बरामद 14 वर्षीय किशोर के संबंध में थाना नई मंडी में वर्ष 2024 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं रोडवेज बस स्टैंड से मिले 13 वर्षीय किशोर के संबंध में थाना कोतवाली नगर में वर्ष 2023 से गुमशुदगी का मामला दर्ज चला आ रहा था। पुलिस काफी समय से दोनों किशोरों की तलाश कर रही थी।
बच्चों को देखकर रो पड़े परिजन
पुलिस ने दोनों किशोरों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को सकुशल उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया।
अपने बच्चों को अचानक सामने देखकर परिवार के लोग भावुक हो उठे। लंबे समय बाद बच्चों की सुरक्षित वापसी से घरों में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों ने पुलिस टीम का आभार जताते हुए उनकी सराहना की।
पुलिस ने बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुमशुदा बच्चों की तलाश और उन्हें सुरक्षित परिवार तक पहुंचाना अभियान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने कहा कि जनपद में लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लापता बच्चों को जल्द से जल्द खोजकर सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके।
पुलिस टीम की सक्रियता की हुई सराहना
दोनों किशोरों की बरामदगी में उपनिरीक्षक खुशवीर सिंह, उपनिरीक्षक गगत सिंह, उपनिरीक्षक समरपाल सिंह और कांस्टेबल जयप्रकाश सिंह की अहम भूमिका रही।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की सक्रियता और मानवीय पहल की सराहना की है।
समाज में जागरूकता की जरूरत
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में अकेला दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय पर मिली जानकारी कई बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है।
फिलहाल दोनों किशोर अपने परिवारों के साथ सुरक्षित हैं और पुलिस अभियान लगातार जारी है।
