हरदोई से विशेष रिपोर्ट
हरदोई साइबर पुलिस ने ऑनलाइन अश्लील कंटेंट प्रसारित करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार प्रयागराज से गिरफ्तार आरोपी विकास सिंह पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के माध्यम से आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर कई सीक्रेट चैनलों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक कंटेंट पहुंचा रहा था। मामले के सामने आने के बाद साइबर अपराध और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
टेलीग्राम पर चलाए जा रहे थे सीक्रेट चैनल
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने टेलीग्राम पर कई गुप्त चैनल बना रखे थे, जिनके माध्यम से कथित रूप से अश्लील सामग्री साझा की जा रही थी।
जांच में हजारों वीडियो और फोटो मिलने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन चैनलों से बड़ी संख्या में यूजर्स जुड़े हुए थे और कंटेंट के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सब्सक्रिप्शन के जरिए कमाई का आरोप
साइबर पुलिस के अनुसार आरोपी अलग-अलग प्लान के तहत यूजर्स से पैसे लेकर कथित तौर पर कंटेंट की पहुंच उपलब्ध कराता था।
पुलिस जांच में बैंक खातों में करीब 1.20 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। फिलहाल वित्तीय लेनदेन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच जारी है।
प्रयागराज से हुई गिरफ्तारी
हरदोई साइबर पुलिस ने आरोपी विकास सिंह को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और तकनीकी जानकारी का उपयोग कर ऑनलाइन नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नाबालिगों तक पहुंचने की आशंका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भी सामने आया है कि कथित कंटेंट नाबालिगों तक भी पहुंच रहा था, जिसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञ अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
साइबर अपराध पर पुलिस की नजर
हरदोई साइबर पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
