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जनसुनवाई बनी ‘संजीवनी’, मौके पर बने 150 आयुष्मान कार्ड, मासूम अनिरुद्ध को मिली नई उम्मीद

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

रामपुर जनपद में जनसुनवाई अब केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए राहत और उपचार का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की पहल पर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम द्वारा अब तक 150 पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाए जा चुके हैं। इसी पहल के तहत आंखों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 8 वर्षीय मासूम अनिरुद्ध को भी आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिससे उसके इलाज की उम्मीद मजबूत हुई है।

मासूम अनिरुद्ध को मिली राहत

तहसील शाहबाद के ग्राम मधुकर निवासी राजवीर अपने 8 वर्षीय बेटे अनिरुद्ध को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि उनके बेटे की आंखों का ऑपरेशन होना है, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा था।

राजवीर ने आयुष्मान कार्ड बनवाने की मांग की, ताकि किसी अच्छे अस्पताल में बेटे का उपचार कराया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

कार्ड बनने के बाद जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्वयं परिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बुलाकर अपने हाथों से आयुष्मान कार्ड सौंपा। इससे परिवार को बड़ी राहत मिली और बच्चे के इलाज का रास्ता साफ हो गया।

जनसुनवाई में तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना को प्रशासन जमीनी स्तर पर लागू करने में जुटा है।

इसी क्रम में कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई को आयुष्मान भारत योजना के सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम तैनात की गई है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की जांच कर उन्हें योजना का लाभ दिला रही है।

अधिकारियों के अनुसार अब तक 150 पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से भी जरूरतमंदों की सहायता की जा रही है।

पैदल दफ्तर पहुंचे जिलाधिकारी

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अपनी कार्यशैली से भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वह अपने आवास से पैदल ही कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने पैमाइश, बिजली, राशन, स्वास्थ्य, आवास और पेंशन से जुड़ी शिकायतें रखीं।

फोन पर ही कराया समस्याओं का समाधान

कागजी प्रक्रिया में समय बर्बाद करने के बजाय जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन से संपर्क कर समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

लोगों ने जिलाधिकारी की इस सक्रियता और संवेदनशीलता की सराहना की। कई फरियादियों ने कहा कि पहली बार उनकी समस्याओं को इतनी गंभीरता से सुना गया और तुरंत कार्रवाई हुई।

जनसेवा का बन रहा नया मॉडल

रामपुर में जनसुनवाई का यह नया स्वरूप अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के सीधे उपलब्ध कराया जाए।

जिलाधिकारी की पहल से जनसुनवाई अब केवल शिकायत निवारण नहीं बल्कि जनसेवा और राहत का बड़ा माध्यम बनती दिखाई दे रही है।

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