ब्यूरो रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में एक अलग और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली, जब इंडियन ऑयल कंपनी के पेट्रोल पंप स्वामी और भाजपा नेता नितिन मलिक खुद ई-रिक्शा में सफर करते नजर आए। पेट्रोल पंप मालिक होने के बावजूद उन्होंने ईंधन बचाने और राष्ट्रहित का संदेश देने के लिए यह अनोखी पहल की, जिसकी क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है।
नितिन मलिक ने अपने इस कदम के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि देशहित में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। लोगों ने उनकी इस पहल को सराहते हुए इसे जागरूकता बढ़ाने वाला सकारात्मक कदम बताया।
ईंधन संरक्षण को लेकर शुरू की अनोखी मुहिम
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच देश में ईंधन बचाने को लेकर जागरूकता बढ़ाने की अपील भी की जा रही है।
इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भाजपा नेता नितिन मलिक ने अपने शाकुन्तलम् स्थित आवास से ई-रिक्शा यात्रा शुरू की। उन्होंने ग्राम सोंहजनी तगान और पुरबालियान समेत कई गांवों में पहुंचकर लोगों से ईंधन संरक्षण की अपील की।
गांवों में लोगों को किया जागरूक
जनसंपर्क अभियान के दौरान नितिन मलिक ने ग्रामीणों से कहा कि देश को प्रतिदिन हजारों करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और इसका असर हर भारतीय पर पड़ता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जरूरत के अनुसार ही ईंधन का उपयोग करें और जहां संभव हो, वैकल्पिक साधनों को अपनाएं। उनका कहना था कि यदि हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा प्रयास करे तो देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
“देश का संबल बनें” का दिया संदेश
नितिन मलिक ने कहा कि आज समय की जरूरत है कि हर नागरिक “देश का संबल” बने और राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारी निभाए।
उन्होंने कहा कि ईंधन बचाना केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि देशभक्ति और जिम्मेदारी से जुड़ा विषय भी है। छोटे प्रयासों से ही बड़े बदलाव संभव होते हैं और यदि लोग जागरूक होंगे तो देश को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
लोगों ने की पहल की सराहना
ई-रिक्शा से गांव-गांव पहुंचकर संदेश देने की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि आमतौर पर पेट्रोल पंप मालिकों को तेल बेचने से जोड़ा जाता है, लेकिन नितिन मलिक ने तेल बचाने का संदेश देकर अलग उदाहरण पेश किया है।
स्थानीय लोगों ने उनकी इस सोच को राष्ट्रहित से जुड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग ईंधन संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होंगे।
पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा संदेश
लोगों का कहना है कि ईंधन बचाने के साथ-साथ ई-रिक्शा जैसी वैकल्पिक व्यवस्था को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
नितिन मलिक की यह पहल अब सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में भी जगह बना रही है। कई लोगों ने इसे जनजागरूकता का प्रभावी तरीका बताया और कहा कि यदि समाज के अन्य लोग भी ऐसे प्रयास करें तो इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
