संवाददाता: नितिन कुमार, रामपुर बिलासपुर
रामपुर जनपद के बिलासपुर तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब लॉयर्स एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम न्यायिक हर्षवर्धन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में दरियां बिछाकर नारेबाजी की और उनकी कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल स्थानांतरण की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि एसडीएम न्यायिक की कार्यप्रणाली से अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और संवाद की कमी देखने को मिल रही है, जिससे वादकारियों और अधिवक्ताओं दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समाधान दिवस में गूंजे विरोध के स्वर
समाधान दिवस में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, लेकिन इसी दौरान अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और एसडीएम न्यायिक हर्षवर्धन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण अधिवक्ताओं को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
कार्यशैली पर लगाए गंभीर आरोप
लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसडीएम न्यायिक की कार्यशैली अधिवक्ताओं और वादकारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रियाओं में सहयोगात्मक रवैया नहीं अपनाया जा रहा, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक एसडीएम न्यायिक का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की।
प्रशासनिक अधिकारियों में मचा हड़कंप
अधिवक्ताओं के अचानक प्रदर्शन शुरू करने से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे।
समाधान दिवस में पहुंचे आम नागरिक भी इस विरोध प्रदर्शन को देखते रहे। प्रदर्शन के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण दिखाई दिया, हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का सम्मान और न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता सर्वोपरि है।
लॉयर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन लगातार अनदेखी होने पर मजबूरन उन्हें आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों में भी बनी चर्चा
तहसील परिसर में हुए इस प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही। कई लोगों ने अधिवक्ताओं की मांगों को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की, वहीं कुछ लोगों ने कहा कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच संवाद स्थापित कर मामले का समाधान निकाला जाना चाहिए।
समाधान दिवस के दौरान हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासनिक व्यवस्था और न्यायिक कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हुई है।
