रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनगणन के प्रथम चरण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर आयोजित अहम बैठक में अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई कि इस राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मकान सूचीकरण और मकान गणना के कार्यों को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को मास्टर ट्रेनरों की दोबारा प्रभावी ट्रेनिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि फील्ड में कोई भ्रम की स्थिति न रहे। वहीं, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नगर निकाय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि ड्यूटी पर लगाए गए प्रगणकों की क्षमता का परीक्षण कर लिया जाए और उन्हें समय से प्रशिक्षण व आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
डीएम ने यह भी कहा कि जनगणना से संबंधित प्रेषण और दिशा-निर्देशों को सभी अधिकारी गहराई से पढ़ें और समझें, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों और शहरी क्षेत्रों में सभासदों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
विद्यालयों और कॉलेजों में भी छात्रों के माध्यम से जनगणना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है। इसके अलावा सांस्कृतिक मेलों, सार्वजनिक आयोजनों, मॉल, रोडवेज बसों, रेलवे स्टेशनों, पेट्रोल पंपों और सिनेमा घरों में प्रचार-प्रसार के लिए बैनर, स्टिकर और घोषणाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया और उसकी तैयारियों को विस्तार से समझाया। इस दौरान सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की योजनाओं और विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई भविष्य में भारी पड़ सकती

