रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद के थाना छपार क्षेत्र से सामने आई एक खौफनाक कहानी ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि रिश्तों के भरोसे की हत्या है—जहां एक पिता ही अपनी मासूम बेटियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया। आरोपी सोनू पुत्र नारायण, जो बाहर से एक सामान्य व्यक्ति दिखाई देता था, अपने घर के भीतर एक हैवान बन चुका था।
बताया जाता है कि लंबे समय से घर के अंदर हो रही गलत हरकतों का दर्द आखिरकार तब बाहर आया जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस के सामने सच्चाई रखी। तहरीर में लगाए गए आरोप इतने गंभीर थे कि पुलिस महकमा भी सन्न रह गया। अपनी ही दो नाबालिग बेटियों के साथ लगातार गलत कृत्य—यह सुनकर हर किसी का सिर शर्म से झुक गया।
शिकायत मिलते ही थाना छपार पुलिस हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई और आरोपी की तलाश शुरू हो गई। पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी इलाके में ही छिपकर घूम रहा है और भागने की फिराक में है।
02 अप्रैल की शाम,
बटेड़ी-दतियाना मार्ग पर रजवाहे के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। तभी एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया, जिसने पुलिस को देखते ही रास्ता बदल लिया। शक गहराया तो पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया, लेकिन वह भाग खड़ा हुआ। पीछा करने पर उसने अचानक मुड़कर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी—हालात पलभर में बदल गए।
पुलिस टीम ने संयम और साहस का परिचय देते हुए खुद को बचाया और आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता रहा।
आखिरकार पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। चली गोली आरोपी सोनू के पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। कुछ ही पलों में पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
मौके से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जांच में जो सामने आया, वह और भी चौंकाने वाला था। सोनू पहले भी इसी तरह के जघन्य अपराध में जेल जा चुका है। यानी यह पहली बार नहीं था—वह पहले भी अपनी ही बेटी के साथ गलत काम करने के आरोप में कानून के शिकंजे में आ चुका था। बावजूद इसके, बाहर आकर उसने अपनी करतूतें दोहराईं।
इस पूरी कार्रवाई को क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रवि शंकर और थाना प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में उपनिरीक्षक सुनील कुमार, रोहताश कुमार, कांस्टेबल दीपक कुमार, वीरेंद्र और सुमित कुमार शामिल रहे, जिन्होंने जोखिम उठाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी है—आखिर कब तक मासूम अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रहेंगे? जहां पिता जैसे रिश्ते पर ही सवाल उठने लगें, वहां कानून और समाज दोनों को और सख्त होने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुटी है। वहीं इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। लोग एक ही सवाल कर रहे हैं—क्या ऐसे दरिंदों के लिए सिर्फ गिरफ्तारी ही काफी है?

