साठ किलो की जगह तौल रहे थे 64 किलो
मंडी सचिव का वजन कांटा बंद करते ही घटा
कांटा हुआ जब्त लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू
रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे की नवीन गल्ला मंडी में मटर की तौल कराते समय किसान ने शक होने पर घटतौली पकड़ ली। घटतौली पकड़े जाते ही व्यापारी मौका पाकर आढ़त से फरार हो गया। किसान की शिकायत पर मौके पर पहुंचे मंडी सचिव ने जब इलेक्ट्रॉनिक कांटे को चेक किया तो 6 किलो का अंतर पाया। उन्होंने कांटे को जब्त करके कार्यालय में रखवाकर किसान की शिकायत पर आढ़ती के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू की है।

इंगोहटा गांव का किसान भोला शंकर तिवारी मटर की उपज लेकर रविवार को मंडी में बेचने आया था। वह मंडी के आढ़ती शिव प्रकाश उर्फ राजू प्रजापति की फर्म आरएन ट्रेडर्स में चार हजार रुपये प्रति कुंतल की दर से बेचने लगा। तौल करते समय किसान को आशंका हुई कि 60 किलो की जगह बोरी में अधिक माल तौला जा रहा है। लिहाजा उसने दूसरे कांटे में तौल की गई बोरी को रखा तो वह 60 किलो की जगह 64 किलो की निकली। इससे किसान ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा मचने पर तमाम आढ़ती भी मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। किसान ने घटतौली की शिकायत मंडी सचिव ब्रजेश कुमार निगम से की। मंडी सचिव के आने की भनक पाकर आढ़ती मौके से फरार हो गया। मौके पर पहुंचे मंडी सचिव ने कांटे में खड़े होकर अपनी तौल की तो वजन 102 किलो निकला। इसके बाद कांटा बंद करके दोबारा चालू किया गया जिसमें मंडी सचिव का वजन 96 किलो हो गया। इस पर सचिव ने कांटे को जब्त करके मंडी कार्यालय में जमा कराया है और किसान से लिखित शिकायत लेकर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि सोमवार से उक्त आढ़ती मंडी के अंदर कारोबार नहीं करेगा।
एक माह पूर्व अध्यक्ष ने की थी शिकायत

हमीरपुर। गल्ला तिलहन व्यापार संघ के अध्यक्ष महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एक माह पूर्व मंडी सचिव से लिखित शिकायत करके मंडी में हो रही घटतौली को रोके जाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर आढ़ती कांटों में हेरफेर करके किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इसको कड़ाई से रोके जाने की जरूरत है और सभी आढ़तों में औचक निरीक्षण करके कॉल करते समय तौल करके रखी गई बोरियों की दुबारा तौल कराने की जरूरत है। तभी घटतौली पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व भी घटतौली पकड़ी गई है लेकिन कार्रवाई न होने से हौसले बुलंद हैं।

