रिपोर्ट – शशिकांत शर्मा(शुभम)
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देशों के तहत लोकायुक्त भोपाल संभाग की टीम ने मंगलवार को नर्मदापुरम में रिश्वतखोरी के मामले में ट्रैप कार्रवाई की। लोकायुक्त पुलिस ने अग्रवाल होटल, मीनाक्षी चौराहा पर ₹90 हजार की रिश्वत राशि लेते हुए मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी विपिन सिंह को कथित तौर पर रंगे हाथों पकड़ा। मामले में कॉर्पोरेशन के कनिष्ठ सहायक भारत यादव को भी आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता संदीप कुमार परसाई निवासी जसलपुर ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दी थी कि मूंग उपार्जन कार्य की एनओसी जारी करने तथा दो होल्डिंग चालान पास कर भुगतान के लिए लगाने के एवज में कनिष्ठ सहायक भारत यादव द्वारा ₹1.30 लाख रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के अनुसार, भारत यादव ने कथित तौर पर 8 सितंबर को ₹40 हजार की रिश्वत राशि पहले ही प्राप्त कर ली थी। इसके बाद एनओसी जारी करने के लिए शेष ₹90 हजार की मांग की जा रही थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल से संपर्क किया।
शिकायत का विधिवत सत्यापन निरीक्षक रजनी तिवारी द्वारा किया गया। शिकायत सही पाए जाने के बाद मंगलवार 15 सितंबर को लोकायुक्त भोपाल की टीम नर्मदापुरम पहुंची। ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी भारत यादव ने अपने अधीनस्थ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी विपिन सिंह को शिकायतकर्ता से ₹90 हजार लेने के लिए भेजा। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने विपिन सिंह को कथित रूप से रिश्वत राशि लेते हुए पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
कार्रवाई लोकायुक्त भोपाल के निरीक्षक रजनी तिवारी और निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले के नेतृत्व में की गई। टीम में प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक यशवंत, मुकेश परमार, हेमेन्द्र पाल,चैतन्य प्रताप, मनोज माझी और वाहन चालक हिम्मत सिंह शामिल रहे ।
