महंत की आपत्ति के बाद प्रशासन ने बदली व्यवस्था, केंद्रीय विद्यालय के पास खुदवाया जा रहा गड्ढा
रिपोर्ट – हरीश राज चक्रवर्ती
हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में श्री गायत्री तपोभूमि के तालाब में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर महंत की आपत्ति के बाद प्रशासन ने स्थान बदल दिया है। अब कस्बे की देवी प्रतिमाओं का विसर्जन तपोभूमि के तालाब में नहीं, बल्कि केंद्रीय विद्यालय के पास एमआरएफ सेंटर के बगल में स्थित नजूल की भूमि पर कराया जाएगा। इसके लिए प्रशासन के निर्देश पर नगर पंचायत ने गड्ढा खुदवाने के साथ साफ-सफाई, पानी और बिजली की व्यवस्था शुरू कर दी है।
कस्बे में बुधवार को देवी प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। इससे पहले श्री गायत्री तपोभूमि के महंत सूखानंद ने परिसर में बने तालाब में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के विसर्जन पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने जिलाधिकारी अशोक कुमार को शिकायत सौंपकर विसर्जन के लिए किसी दूसरे स्थान की व्यवस्था कराने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर अभिषेक कुमार और सीओ सदर यशपाल सिंह को वैकल्पिक स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार देर शाम एसडीएम सदर अभिषेक कुमार और सीओ सदर यशपाल सिंह ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्य के साथ कस्बे में विसर्जन के लिए उपयुक्त स्थान का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्रीय विद्यालय के पीछे एमआरएफ सेंटर के बगल में स्थित नजूल की भूमि को विसर्जन स्थल के रूप में तय किया। साथ ही नगर पंचायत को यहां गड्ढा खुदवाने और साफ-सफाई, पानी व बिजली समेत जरूरी व्यवस्थाएं तत्काल पूरी कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन के निर्देश मिलते ही नगर पंचायत ने रविवार को प्रस्तावित विसर्जन स्थल पर गड्ढा खुदवाने का काम शुरू करा दिया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए अन्य जरूरी इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्य ने बताया कि महंत की आपत्ति और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विसर्जन के लिए वैकल्पिक स्थल निर्धारित किया गया है। अब बुधवार को देवी प्रतिमाओं का विसर्जन गायत्री तपोभूमि के तालाब के बजाय केंद्रीय विद्यालय के पास एमआरएफ सेंटर के बगल में नजूल की भूमि पर तैयार किए जा रहे गड्ढे में कराया जाएगा।
