रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी क्षेत्र के हरैटी गांव में रोहन राठी हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। रविवार को एसआईटी, मेडिकोलीगल और साइबर टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। जांच टीमों ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और अहम साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर सीन रिक्रिएशन कराया। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना को आगे बढ़ा रही है।
बाईपास पर बंबे के पास हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, 23 और 24 सितंबर 2026 की दरमियानी रात हरैटी गांव निवासी विवेक राठी के बेटे रोहन राठी की हत्या कर दी गई थी। उसका शव गांव से बाईपास मार्ग पर बंबे के पास मिला था। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुरकाजी थाने में मुकदमा संख्या 154/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1) में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं।
दो आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़े गए
विवेचना के दौरान पुलिस ने नाजिम निवासी संगीपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार और सावेज निवासी जहीरपुर, थाना देवबंद, सहारनपुर के नाम सामने आने की बात कही। दोनों आरोपियों को 25 सितंबर को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
एसपी सिटी के नेतृत्व में गठित हुई एसआईटी
मामले में साक्ष्यों के संकलन और वैज्ञानिक परीक्षण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) गठित किया था। इसी क्रम में रविवार को एसआईटी के साथ मेडिकोलीगल और साइबर टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सीन रिक्रिएशन किया।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य घटनाक्रम को स्पष्ट करना और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना है। फिलहाल प्रकरण में साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
