रिपोर्ट शुभम सिंह
बांदा। चिन्मय मिशन के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत 35,000 किलोमीटर की अखिल भारतीय आध्यात्मिक ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ शनिवार को बांदा पहुंची। प्रयागराज से चलकर दोपहर 3 बजे बांदा आगमन पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा यात्रा का अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ स्वागत किया गया।
इसके पश्चात नगर के मंडपम मैरिज हाल में एक भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना तथा स्वामी चिन्मयानंद जी द्वारा स्थापित चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमित सिंह, सुधांशु सिंह और नीलांशु ने पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर प्रबंधन की कमान संभाली। बांदा आगमन से लेकर मंडपम मैरिज हाल के पूरे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में इस आयोजक टीम का प्रयास अत्यंत सराहनीय रहा।
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी:
“बांदा की पावन भूमि पर चिन्मय अमृत यात्रा का आगमन अत्यंत गौरव का विषय है। मिशन द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्र-जागरण और सांस्कृतिक पुनरोत्थान के कार्य भावी पीढ़ियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।”
मालती बासु:
“यह यात्रा केवल एक मार्ग से गुजरने का माध्यम नहीं है, बल्कि ‘ज्ञान से शांति, सेवा से समृद्धि और संस्कार से राष्ट्र की सिद्धि’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का पवित्र संकल्प है। 35,000 किलोमीटर की यह आध्यात्मिक यात्रा लाखों जीवनों में मूल्य-आधारित शिक्षा का संचार कर रही है।”
असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल:
“चिन्मय अमृत यात्रा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक क्षण है। स्वामी चिन्मयानंद जी के विचारों और मिशन के 75 वर्षों के सेवा कार्यों से युवाओं को जोड़ना और समाज में नैतिक मूल्यों का पुनर्जागरण करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।”
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक अमित सिंह, सुधांशु सिंह और नीलांशु ने बांदा की धर्मप्रेमी जनता, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बांदा वासियों के अपार स्नेह और सहयोग से ही यह 75वें वर्ष का अमृत महोत्सव अत्यंत भव्य और स्मरणीय बन सका।
इस अवसर पर शहर के बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
