रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर में पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को कड़ा संदेश दिया है। 10 साल की उम्र पूरी कर चुके डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन अब सड़क पर नहीं चलाए जा सकेंगे। निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके वाहनों का संचालन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों को जब्त कर पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) में भेजने की कार्रवाई भी हो सकती है। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की उम्र की जांच कर लें और अवधि पूरी होने पर उन्हें अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में जमा कराएं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), मुजफ्फरनगर की ओर से 22 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनसीआर क्षेत्र में लागू व्यवस्था के तहत डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों के लिए 15 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। यह अवधि पूरी होने के बाद ऐसे वाहनों का सड़क पर संचालन प्रतिबंधित है। विभाग ने वाहन स्वामियों को समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है, ताकि कार्रवाई और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
पुराने वाहन को आरवीएसएफ में कराएं जमा
निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहन को विभाग ने एंड ऑफ लाइफ व्हीकल (ईएलवी) की श्रेणी में रखते हुए अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में जमा कराने की अपील की है। वाहन स्वामी अपने निकटतम आरवीएसएफ में वाहन ले जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे स्क्रैप करा सकते हैं। इससे पुराने वाहन के निस्तारण की प्रक्रिया अधिकृत तरीके से पूरी होगी।
विभाग के अनुसार स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी कराने पर वाहन स्वामी को उसके अनुपयोगी वाहन का उचित मूल्य प्राप्त हो सकता है। इसके साथ ही नया वाहन खरीदने पर नियमानुसार उपलब्ध सरकारी प्रोत्साहन और अन्य लाभ भी लिए जा सकते हैं।
सड़क पर मिला तो कार्रवाई के साथ जब्ती का खतरा
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं है। जांच के दौरान ऐसे वाहन संचालित मिले तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वाहन को जब्त कर पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में भेजा जा सकता है।
इसीलिए विभाग ने वाहन स्वामियों को सलाह दी है कि वे केवल कागजात देखकर वाहन चलाते रहने के बजाय उसकी निर्धारित आयु सीमा भी जांचें। जिन वाहनों की अवधि पूरी हो चुकी है, उनका संचालन बंद कर समय रहते स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी कराएं।
प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद
परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों को सड़क से हटाने को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। अधिक पुराने और अनुपयोगी वाहनों को सड़क से हटाकर स्क्रैप कराने से प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिल सकती है। पुराने वाहनों की जगह नए और अपेक्षाकृत कम प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहन की आयु सीमा की जानकारी समय रहते प्राप्त करें। डीजल वाहन 10 वर्ष और पेट्रोल वाहन 15 वर्ष की निर्धारित सीमा पूरी कर चुका है तो उसे सड़क पर चलाने के बजाय अधिकृत आरवीएसएफ में स्क्रैप कराने की प्रक्रिया अपनाएं।
वाहन स्वामियों के लिए क्या करें
– अपने वाहन की आयु सीमा की जांच करें।
– 10 वर्ष पूरे कर चुके डीजल वाहन और 15 वर्ष पूरे कर चुके पेट्रोल वाहन का संचालन बंद करें।
– पुराने वाहन को अधिकृत आरवीएसएफ में जमा कराएं।
– स्क्रैपिंग की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर दस्तावेज सुरक्षित रखें।
– नए वाहन की खरीद पर उपलब्ध नियमानुसार प्रोत्साहन और लाभ की जानकारी लें।
परिवहन विभाग ने इस सूचना को जनहित में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है, ताकि वाहन स्वामी समय रहते अपने पुराने वाहनों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर सकें और सड़क पर वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई से बच सकें।
