रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पुलिस की कार्रवाई के बीच हुआ। प्रदर्शन से पहले कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतपाल कटारिया समेत कई नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। इसके बावजूद नगर अध्यक्ष रंजन मित्तल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग उठाई।
प्रदर्शन से पहले नेताओं की नजरबंदी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। नगर अध्यक्ष रंजन मित्तल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के नाम और तस्वीर के साथ विरोध जताया। पुतला जलाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मौके पर निगरानी बढ़ा दी, लेकिन कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे।
‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ के नारों से गूंजा इलाका
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ और ‘चंदा चोरी नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की।
मौके पर सिविल लाइन थाना प्रभारी और कचहरी चौकी प्रभारी प्रशांत गिरी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जारी रखा। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी करती रही।
नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग के साथ संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग रखी गई।
हकीम जफर, अफसाना अंसारी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में नगर अध्यक्ष रंजन मित्तल के साथ अल्पसंख्यक आयोग के जिला अध्यक्ष हकीम जफर, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष अफसाना अंसारी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत किया गया है। नेताओं ने संकेत दिया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की निगरानी, नेताओं की नजरबंदी और उसके बाद सड़क पर हुए प्रदर्शन ने सोमवार को कांग्रेस के आंदोलन को जिले में चर्चा का विषय बना दिया।
