रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। एटीएम में कार्ड फंसाकर ग्राहक का पिन देखने और बाद में खाते से रकम निकालने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का सिविल लाइन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। जवाबी कार्रवाई में फैजान पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी प्रशांत उर्फ पुच्ची उर्फ पटवारी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, तमंचा-कारतूस, बिना नंबर की बाइक और ठगी के 10 हजार रुपये बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार इंदिरा कॉलोनी निवासी पुरुषोत्तम कुमार के एटीएम कार्ड से 19,500 रुपये निकाले गए थे। शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में जुट गई।
सोमवार रात पुलिस टीम बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन से पहले राजयोग फार्म हाउस के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने बाइक मोड़कर जंगल की ओर भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
चकरोड पर बाइक फिसलने के बाद दोनों पैदल भागने लगे। आरोपियों ने पेड़ की आड़ लेकर दोबारा पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में फैजान पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घेराबंदी और कॉम्बिंग के दौरान पुलिस ने प्रशांत उर्फ पुच्ची उर्फ पटवारी को भी गिरफ्तार कर लिया। घायल फैजान को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोंद लगाकर एटीएम में फंसाते थे कार्ड
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले एटीएम की रेकी करते थे। इसके बाद कार्ड डालने वाली जगह पर गोंद लगा देते थे। ग्राहक कार्ड डालता तो वह मशीन में फंस जाता। इसी दौरान गिरोह का दूसरा सदस्य मददगार बनकर ग्राहक के पास पहुंचता था।
ग्राहक जब कार्ड निकालने के लिए दोबारा पिन डालता, तभी आरोपी उसकी नजर बचाकर पिन देख लेते थे। इसके बाद हेल्पलाइन नंबर बताने के नाम पर अपना मोबाइल नंबर ग्राहक को दे देते थे और भरोसा दिलाते थे कि कुछ देर बाद कार्ड मशीन से निकल जाएगा।
ग्राहक के एटीएम से चले जाने के बाद आरोपी मशीन से कार्ड निकाल लेते थे। फिर दूसरे एटीएम पर जाकर देखे गए पिन की मदद से खाते से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 21 सितंबर को इसी मार्ग पर पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में भी इसी तरीके से वारदात करना स्वीकार किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इसमें कितने सदस्य शामिल हैं।
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी सिविल लाइन रघुराज सिंह, उपनिरीक्षक रूप सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, कांस्टेबल अंकित, सुधीर, मोहित यादव, ब्रह्मदेव और सैनी सिंह शामिल रहे। पुलिस आरोपियों के पूर्व मुकदमों के साथ उनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की भी जांच कर रही है।
