रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। खतौली में शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए। जीटी रोड स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कांग्रेसियों ने उन्हें याद किया। वहीं सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और साहसिक फैसलों से देश की राजनीति को नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में बैंकों का राष्ट्रीयकरण और पूर्व रियासतों के प्रिवी पर्स समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व और बांग्लादेश के उदय का भी उल्लेख किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या देश के इतिहास की दुखद घटना थी। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके राजनीतिक योगदान और नेतृत्व को हमेशा याद किया जाता रहेगा।
रियासतों का विलय कर अखंड भारत की रखी मजबूत नींव
सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराना उनकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल है। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने देश की एकता को मजबूत आधार दिया। इसी योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है।
कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतपाल कटारिया, जिला उपाध्यक्ष योगेश खारी एडवोकेट, ब्लॉक अध्यक्ष नवाब सिंह एडवोकेट, खालिद सिद्दीकी, शहजाद कामिल, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद आसिफ, मोनू, अब्दुल रहमान, संजय वर्मा, रजनीश मित्तल, विमल वाल्मीकि, रोहित गुर्जर और मनीष कश्यप सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
