रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर कथित रूप से धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के आरोप में मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। थाना बुढ़ाना पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान फेसबुक पर प्रसारित एक पोस्ट का संज्ञान लेते हुए जांच की और आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली सामग्री पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फेसबुक पोस्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, थाना बुढ़ाना क्षेत्र से संबंधित एक फेसबुक पोस्ट पुलिस के संज्ञान में आई, जिसमें कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री प्रसारित की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पोस्ट की जांच शुरू की और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की।
आरोपी की हुई पहचान
जांच के दौरान पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान आसिफ मलिक पुत्र हबीब, निवासी ग्राम जौला, थाना बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दर्ज किया गया मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना बुढ़ाना में मु0अ0सं0 273/2026 के तहत धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर निगरानी जारी
मुजफ्फरनगर पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी सामग्री प्रसारित करता है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों, सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका हो, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने की जिम्मेदारी से सोशल मीडिया उपयोग करने की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और संयम के साथ करें। किसी भी पोस्ट, वीडियो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें तथा ऐसी किसी भी सामग्री को पोस्ट या प्रसारित करने से बचें जिससे किसी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की भावनाएं आहत हों या समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और ऐसे मामलों में विधिक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
