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वीर सावरकर केवल क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि महान विचारक, लेखक और समाज सुधारक थे : निर्वाल

मुजफ्फरनगर, मोरना। कस्बा मोरना में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत मेरा युवा भारत द्वारा गुरुवार को महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर संगोष्ठी एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राघव यूथ क्लब के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने वीर सावरकर के जीवन और उनके राष्ट्रवादी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं थे, बल्कि वे महान विचारक, लेखक और समाज सुधारक भी थे। उनके विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा और आत्मबलिदान के लिए प्रेरित करते हैं।

युवाओं को सावरकर से सीखने की जरूरत

डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अखंड भारत और राष्ट्रवाद को लेकर वीर सावरकर की सोच आज भी प्रासंगिक है। देश के प्रति समर्पण और समाज के लिए कार्य करने की भावना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।

काला पानी की यातनाओं का किया सामना

कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि वीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा दी गई काला पानी की कठोर सजा और यातनाओं के बावजूद उनका मनोबल कभी कमजोर नहीं पड़ा।

अरुण सिंह ने कहा कि सावरकर का संघर्ष देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से देशहित में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम

राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक प्रीति पाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को वीर सावरकर के आदर्शों को अपनाना चाहिए। उन्होंने नशामुक्ति, स्वच्छता और राष्ट्र निर्माण जैसे सामाजिक अभियानों में युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि युवा सकारात्मक सोच और देशभक्ति की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे तो समाज और देश दोनों मजबूत होंगे।

सावरकर के साहित्यिक योगदान पर हुई चर्चा

भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक पंडित रामकुमार शर्मा ने वीर सावरकर के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सावरकर ने अपने लेखन के माध्यम से राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने का कार्य किया।

उन्होंने बताया कि सावरकर का साहित्य आज भी लोगों को देशप्रेम और समाज सुधार के लिए प्रेरित करता है।

भाषण प्रतियोगिता में युवाओं ने रखे विचार

कार्यक्रम के दौरान आयोजित भाषण प्रतियोगिता में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने “सावरकर का राष्ट्र चिंतन” और “1857 से आज तक क्रांतिकारी आंदोलन में सावरकर की भूमिका” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में सौरभ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि जानवी द्वितीय और माही शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। इसके अलावा माही चौथे और मन पांचवें स्थान पर रहे। विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।

आयोजकों ने जताया आभार

राघव यूथ क्लब के अध्यक्ष दीपांशु शर्मा और संयोजक प्रियांशु शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में जिला युवा सलाहकार समिति के सदस्य आरके वर्मा, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सतनाम सिंह बंजारा, महिपाल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए युवाओं से समाज और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की गई।

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