रिपोर्ट: कबीर, ब्यूरो मुजफ्फरनगर
ऑपरेशन सवेरा के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए दो कथित तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 21 ग्राम अवैध स्मैक तथा तस्करी में प्रयुक्त एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है।
आधी रात को हुई इस कार्रवाई के बाद नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
जानकारी के अनुसार प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक स्मैक की खेप लेकर चरथावल-न्याजूपुरा रोड स्थित काली नदी पुल के रास्ते शहर की ओर आने वाले हैं।
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी शशि कपूर ने पुलिस टीम के साथ मौके पर घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। देर रात लगभग 12:40 बजे एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार को रोककर जांच की गई।
तलाशी में बरामद हुई अवैध स्मैक
पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सवार दोनों व्यक्तियों के पास से अवैध स्मैक बरामद हुई। जांच के दौरान एक आरोपी के पास से 10 ग्राम तथा दूसरे आरोपी के पास से 11 ग्राम स्मैक बरामद की गई।
पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से बरामद कार को भी जब्त कर लिया।
मेरठ निवासी बताए गए आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शहजाद पुत्र अब्दुल वहाब तथा कासिम पुत्र आबिद निवासी अजराडा थाना मुंडाली, जनपद मेरठ के रूप में हुई है।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे कब से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे तथा उनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद स्मैक की खेप मंगलौर क्षेत्र से लाई गई थी। इसे मुजफ्फरनगर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बेचने की योजना थी।
हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण कथित तस्करों की योजना सफल नहीं हो सकी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उन्हें यह नशीला पदार्थ किसने उपलब्ध कराया और इसकी सप्लाई चेन किन लोगों तक फैली हुई है।
आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य मामलों की जांच कर रही है।
इसके साथ ही दूसरे आरोपी के आपराधिक इतिहास और संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
कोतवाली नगर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
युवाओं को नशे से बचाने पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीम की भूमिका रही अहम
इस कार्रवाई में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलने के बाद टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन सवेरा के तहत दो कथित तस्करों की गिरफ्तारी और 21 ग्राम स्मैक की बरामदगी पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। समय रहते की गई कार्रवाई से नशीले पदार्थों की संभावित सप्लाई को रोका जा सका।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
