रिपोर्ट: शारिक खान
हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ चला विशेष अभियान
रामपुर में वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत सामाजिक वानिकी प्रभाग, रामपुर रेंज द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में “हरित उत्तर प्रदेश-समृद्ध उत्तर प्रदेश” अभियान के तहत “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को वृक्षों के महत्व से अवगत कराना तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना था। अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
आम, आंवला, जामुन और अमरूद के पौधों का रोपण
कार्यक्रम के दौरान आम, आंवला, जामुन और अमरूद सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और सभी से इन पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की।
गणमान्य लोगों ने निभाई सहभागिता
वृक्षारोपण कार्यक्रम में डायट रामपुर के प्राचार्य अशोक कुमार, ग्रीन वर्ल्ड पर्यावरण फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती नीना साहनी, समाजसेवी जलील अहमद, प्रवक्ता बृजराज किशोर, श्रीमती तृप्ति तथा प्रधान सहायक जफर अतीक सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता करते हुए पौधे लगाए।
कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया वृक्षों का महत्व
इस अवसर पर क्षेत्रीय वनाधिकारी शिवशंकर यादव ने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। ये न केवल स्वच्छ हवा और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जलवायु संतुलन और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
नवजात शिशुओं की माताओं का किया सम्मान
वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत जिला महिला चिकित्सालय रामपुर में एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। यहां नवजात शिशुओं की माताओं को “ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट” प्रदान किए गए तथा प्रत्येक माता को एक-एक पौधा भेंट किया गया। इस पहल का उद्देश्य मातृत्व के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश जोड़ना और परिवारों को वृक्षारोपण के प्रति प्रेरित करना था।
इस दौरान माताओं को पौधों की सुरक्षा, संरक्षण और नियमित देखभाल के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
वन विभाग के अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में रामपुर रेंज के उप क्षेत्रीय वनाधिकारी धर्मेन्द्र कोली, टीएसओ कांडपाल, वन दरोगा अनिल कुमार, वन रक्षक राजीव कुमार एवं विक्रम सिंह दिवाकर सहित वन विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जनजागरूकता बढ़ाने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तापमान में वृद्धि जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न छोड़ें, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल भी सुनिश्चित करें ताकि वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
निष्कर्ष
रामपुर में आयोजित वृक्षारोपण महाअभियान-2026 का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी रहा। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से समाज को हरित और स्वच्छ भविष्य का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
