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मुजफ्फरनगर में 10-12% मुनाफे का झांसा देकर ₹1.12 करोड़ की ठगी, फर्जी निवेश कंपनी चलाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

रिपोर्ट: कबीर

निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच बना ठगी का माध्यम

मुजफ्फरनगर में हर महीने 10 से 12 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा कर करोड़ों रुपये की निवेश ठगी करने वाले गिरोह का नई मंडी थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी रियल एस्टेट और ट्रेडिंग कंपनियों के नाम पर लोगों से लगभग ₹1.12 करोड़ का निवेश कराया और बाद में भुगतान बंद कर फरार हो गए।

शुरुआती भुगतान कर जीता लोगों का भरोसा

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने शुरुआत में निवेशकों को लगभग ₹35 लाख लाभांश के रूप में लौटाए, जिससे लोगों का उन पर विश्वास बढ़ गया। इसके बाद अधिक लोगों से बड़ी रकम निवेश कराई गई। जब निवेशकों ने अपनी मूल धनराशि और लाभ की मांग की तो भुगतान बंद कर दिया गया।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए किया गया निवेश

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को ग्लोबल टेक रियलटी कंपनी और जीटी एफएक्स ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताते हुए निवेशकों को कई दस्तावेज दिखाए। इनमें कथित बैंक विवरण, परियोजना रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज शामिल थे, जिन्हें पुलिस जांच में फर्जी बताया गया।

आरोपियों ने निवेशकों को महावीर चौक स्थित कार्यालय भी दिखाया और विभिन्न परियोजनाओं का हवाला देकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

रियल एस्टेट परियोजनाओं का दिया गया हवाला

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खतौली में प्रस्तावित रियल एस्टेट परियोजना, देहरादून स्थित एक रिसॉर्ट और ऋषिकेश में विकसित हो रही परियोजनाओं का वीडियो प्रेजेंटेशन दिखाकर निवेशकों को आकर्षित किया। साथ ही यह दावा किया गया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न मिलेगा।

इन दावों पर भरोसा कर कई लोगों ने कुल ₹1.12 करोड़ का निवेश कर दिया।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

मामले का खुलासा तब हुआ जब शामली के दयानंद नगर निवासी अंकुश कौशिक सहित 20 से अधिक लोगों ने थाना समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर नई मंडी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल की, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

तीन आरोपी गिरफ्तार

गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जानसठ फ्लाईओवर के नीचे से तीन आरोपियों—हरेन्द्र मलीया, दीपक चौधरी और प्रवीन कुमार—को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन तथा दोनों कथित कंपनियों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन दस्तावेजों के फर्जी होने की बात सामने आई है। मामले में आगे की जांच जारी है।

पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले संबंधित कंपनी की वैधता, पंजीकरण और नियामकीय स्वीकृतियों की अच्छी तरह जांच करें। यदि कोई संस्था असामान्य रूप से अधिक और निश्चित मुनाफे का दावा करती है, तो निवेश करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर में सामने आया यह मामला निवेश के नाम पर होने वाली वित्तीय ठगी का एक गंभीर उदाहरण है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग या अतिरिक्त पीड़ित तो नहीं हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहकर केवल सत्यापित और वैध निवेश योजनाओं में ही धन लगाने की सलाह दी है।

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