रिपोर्ट: शारिक खान
रामपुर
रामपुर के पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक के साथ थाना सिविल लाइन का औचक निरीक्षण कर थाना व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय, अभिलेख, मालखाना, हवालात और मिशन शक्ति केंद्र का गहन निरीक्षण किया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने थाना क्षेत्र के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
थाना व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के रखरखाव तथा मालखाना और हवालात की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों का नियमित संधारण, आवश्यक प्रविष्टियों को समय पर अद्यतन करने और सभी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
गुणवत्तापूर्ण कार्य और समयबद्ध निस्तारण पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रिकॉर्ड प्रबंधन को व्यवस्थित रखने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त
थाना निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना सिविल लाइन क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते हुए पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
गश्त के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर भी मौजूद रहे और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि नियमित गश्त जारी रखी जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जाए और आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निष्कर्ष
रामपुर में पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना सिविल लाइन का औचक निरीक्षण और क्षेत्र में पैदल गश्त के माध्यम से पुलिस व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई, प्रशासनिक कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही प्रमुख बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी आकलन किया गया।
