रिपोर्टर: संदीप वर्मा, बाराबंकी
नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट अंतिम चरण में
बाराबंकी जनपद में विकसित किया जा रहा नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट अब लगभग पूरा होने की ओर है। वन विभाग के अनुसार परियोजना का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य पूर्ण होने के बाद इसे अगले ईको-पर्यटन सत्र में आम पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।
राजधानी लखनऊ से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह परियोजना प्राकृतिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा पर्यटन स्थल
परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों के लिए लगभग दो किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल विकसित की गई है। इस मार्ग पर प्रकृति प्रेमी घने वन क्षेत्र के बीच पैदल भ्रमण करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधों, पक्षियों और जैव विविधता का अवलोकन कर सकेंगे।
इसके अलावा परिसर में आधुनिक हाट, स्वच्छ शौचालय, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, भव्य प्रवेश द्वार तथा नाले पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया है। पूरे क्षेत्र में दिशा-निर्देश और पर्यावरण संबंधी जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
वन विभाग के अनुसार साइन बोर्डों के माध्यम से पर्यटकों को विभिन्न वनस्पतियों, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि लोगों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है।
पर्यटन मंत्री ने कही यह बात
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और प्राकृतिक स्थलों के सतत विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके अनुसार नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट पर्यटकों को सुरक्षित और यादगार अनुभव प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
डीएफओ ने बताई परियोजना की विशेषताएं
बाराबंकी के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आकाश दीप बधावन ने बताया कि यह परियोजना प्रकृति संरक्षण और पर्यटन विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण होगी। यहां विकसित की गई नेचर ट्रेल, ओवरब्रिज, साइन बोर्ड और अन्य सुविधाओं के माध्यम से पर्यटक वन क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक वातावरण को करीब से जान सकेंगे।
उन्होंने कहा कि परियोजना स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायक साबित होगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
परियोजना के शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार, हस्तशिल्प, खानपान और अन्य सेवाओं से जुड़े नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
साथ ही यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जल्द खुलेगा पर्यटकों के लिए
वन विभाग के अनुसार परियोजना के शेष कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। सभी आवश्यक निर्माण और व्यवस्थाएं पूर्ण होने के बाद नियामतपुर ईको-टूरिज्म स्थल को अगले पर्यटन सत्र में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
निष्कर्ष
बाराबंकी का नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया आकर्षण बनने की ओर अग्रसर है। आधुनिक सुविधाओं, प्राकृतिक वातावरण और पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा पर आधारित यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ा सकती है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र बाराबंकी और आसपास के जिलों में ईको-टूरिज्म का एक प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।
