श्रावस्ती। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव तैयारियों को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर जमुनहा तहसील के विभिन्न गांवों में राहत चौपालों का आयोजन कर ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव और आपदा प्रबंधन संबंधी जानकारी दी जा रही है।
बाढ़ की सूचना मिलते ही शरणालय पहुंचने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाढ़ की सूचना मिलते ही वे बिना देर किए निकटतम राहत शिविर या शरणालय में पहुंचें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शरणालयों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आपदा से निपटने की पूरी तैयारी
प्रशासन का कहना है कि जिले में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वचालित वर्षा मापी यंत्रों और मौसम सूचना तंत्र के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
नागरिकों को दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
राहत चौपालों में लोगों को सलाह दी गई कि वे अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज वाटरप्रूफ फाइल में सुरक्षित रखें। साथ ही घर में कम से कम सात दिन का सूखा राशन और आवश्यक दवाइयों का इंतजाम रखने की भी सलाह दी गई।
प्रशासन ने लोगों से अपने मोबाइल फोन में ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ एप डाउनलोड करने की अपील की, ताकि मौसम और आपदा संबंधी समय पर सूचना प्राप्त हो सके।
एनडीआरएफ ने दिया प्रशिक्षण
एनडीआरएफ की टीम ने लक्ष्मणनगर क्षेत्र में ग्रामीणों को बाढ़ आपदा से बचाव, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों का प्रशिक्षण भी दिया।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
