रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए मुजफ्फरनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा स्वयं परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त सक्रियता से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों या नकल कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
12 परीक्षा केंद्रों पर हो रही है परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी परीक्षा जनपद के 12 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। परीक्षा दो दिनों तक दो-दो पालियों में संपन्न कराई जा रही है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं।
परीक्षा के पहले दिन से ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीमें विभिन्न केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके।
डीएम और एसएसपी ने किया केंद्रों का निरीक्षण
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया और केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अभ्यर्थियों की हो रही सघन जांच
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की जा रही है। पहचान पत्रों का सत्यापन, सुरक्षा जांच और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी अभ्यर्थी के पास मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के भीतर न पहुंच सके। इसके लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से रखी जा रही नजर
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा कंट्रोल रूम से भी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी निगरानी के माध्यम से हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है।
नकल और सॉल्वर गैंग पर विशेष नजर
प्रशासन ने नकल माफियाओं, सॉल्वर गैंग और अन्य असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीर अपराध मानते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया है कि परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना मिलते ही प्रभावी कदम उठाएं।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि अभ्यर्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शासन की मंशा के अनुरूप हो रही कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है, जिससे नकल माफियाओं और परीक्षा में गड़बड़ी करने की कोशिश करने वाले तत्वों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में टीजीटी परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा स्वयं मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और सतर्क प्रशासनिक व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
