रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने जिले के विभिन्न कांवड़ चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कई चिकित्सा शिविरों का किया निरीक्षण
सीएमओ ने बागोवाली, बेलड़ा, नंगला दुल्हेरी, भोपा, तुगलकपुर, निरगाजिनी और धमात में स्थापित चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों, आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिविरों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध रहे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधन हर समय तैयार रखे जाएं।
सीएमओ ने स्वयं किया स्वास्थ्य परीक्षण
धमात स्थित चिकित्सा शिविर में निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने स्वयं कांवड़ यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और सामान्य स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरतमंदों को दवाइयां भी उपलब्ध कराईं।
इस दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रियों से बातचीत कर चिकित्सा सुविधाओं को लेकर उनका फीडबैक भी लिया।
24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के निर्देश
सीएमओ ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश दिए कि यात्रा समाप्त होने तक पूरी सतर्कता और सेवा-भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक चिकित्सा शिविर में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित रहें। साथ ही गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर बिना विलंब उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया जाए।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान चिकित्सा शिविरों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को उपचार के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित, स्वस्थ और व्यवस्थित वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
