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श्रावस्ती: वरासत के नाम पर ₹30 हजार की कथित अवैध वसूली, डीएम के हस्तक्षेप से पीड़िता को मिली राहत

वरासत के नाम पर धन उगाही की शिकायत पर डीएम का सख्त रुख, जांच के आदेश

श्रावस्ती। जनपद में वरासत दर्ज कराने के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता महिला ने जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग से न्याय की गुहार लगाई। शिकायत के बाद डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत दिलाने के साथ जांच के निर्देश जारी किए।

लेखपाल पर धन उगाही का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि लेखपाल गोपाल ने वरासत की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की और राशि प्राप्त की। बाद में पैसे लौटाने के लिए कथित रूप से एक चेक दिया गया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वह बाउंस हो गया क्योंकि संबंधित खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी।

इन आरोपों की जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है।

डीएम के हस्तक्षेप से मिली तत्काल राहत

शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पीड़िता को 30 हजार रुपये दिलाए गए, जिससे उसे तत्काल राहत मिली।

जांच और कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच एसडीएम जमुनहा को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज

प्रशासन के अनुसार, मामले में थाना सोनवा में संबंधित लेखपाल के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है। अब पुलिस और प्रशासन दोनों स्तरों पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है।

निष्कर्ष

श्रावस्ती में वरासत के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामले में जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता को तत्काल राहत मिली है। मामले की जांच जारी है और संबंधित लेखपाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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