रिपोर्टर: शारिक खान
रामपुर। रामपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के निर्देशन में संचालित नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत थाना कोतवाली पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामदगी के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पहले दर्ज किए गए मुकदमे की विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
नशा मुक्ति अभियान के तहत लगातार कार्रवाई
रामपुर पुलिस जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने पहले कोडीनयुक्त कफ सिरप की बरामदगी के संबंध में मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना में सामने आए दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के नाम मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आए थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
अवैध नशीली दवाओं पर पुलिस की सख्ती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बरामद कोडीनयुक्त कफ सिरप के स्रोत और वितरण नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
रामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री या तस्करी की कोई जानकारी हो तो उसकी सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए जनसहयोग भी उतना ही आवश्यक है जितनी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई।
