Homeउत्तर प्रदेशएटीएम ठगों के इंटरस्टेट गैंग से पुलिस की मुठभेड़: एक बदमाश घायल,...

एटीएम ठगों के इंटरस्टेट गैंग से पुलिस की मुठभेड़: एक बदमाश घायल, 63 एटीएम कार्ड और हथियार बरामद

रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले इंटरस्टेट ठग गिरोह का कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पानीपत-खटीमा मार्ग पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 63 एटीएम कार्ड, अवैध तमंचा, कारतूस, नगदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और भोले-भाले लोगों को एटीएम बूथों पर निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी करता था।

एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे युवक को बनाया शिकार

पुलिस के अनुसार शामली निवासी विनीत कुमार ने कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे।

इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवकों ने मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। पीड़ित को इस बात का अंदाजा तक नहीं हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है।

बाद में जब खाते की जानकारी देखी गई तो उसमें से 43 हजार 500 रुपये निकाले जा चुके थे। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई।

संदिग्ध स्विफ्ट कार देखकर पुलिस को हुआ शक

शनिवार को थाना प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम पानीपत-खटीमा मार्ग पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार वहां से गुजरती दिखाई दी।

पुलिस ने जब कार को रोकने का प्रयास किया तो कार सवार तेजी से भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा शुरू कर दिया।

भागने के दौरान कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल

बदमाशों की फायरिंग के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की नियंत्रित फायरिंग में एक आरोपी गुलशन कुमार घायल हो गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घायल बदमाश को तुरंत हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।

वहीं उसके दो अन्य साथियों को पुलिस ने कांबिंग अभियान चलाकर मौके से गिरफ्तार कर लिया।

तीन राज्यों से जुड़े आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामगढ़ मोहाली निवासी गुलशन कुमार, चरथावल क्षेत्र के दूधली निवासी मयंक और हरियाणा के जींद निवासी जतिन शर्मा के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनका संगठित गिरोह विभिन्न राज्यों और जिलों में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था।

आरोपी एटीएम बूथों के आसपास घूमते रहते थे और खासतौर पर बुजुर्गों तथा कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे।

मदद के बहाने बदलते थे एटीएम कार्ड

पुलिस के अनुसार आरोपी पहले लोगों को मदद का भरोसा दिलाते थे। जब कोई व्यक्ति एटीएम मशीन चलाने में परेशानी महसूस करता, तो आरोपी सहायता के बहाने उसके पास पहुंच जाते थे।

इसी दौरान बेहद चालाकी से उसका एटीएम कार्ड बदल लिया जाता था।

पीड़ित को नकली या दूसरे बैंक का कार्ड पकड़ा दिया जाता और असली कार्ड लेकर आरोपी मौके से फरार हो जाते थे। इसके बाद वे खाते से रकम निकाल लेते थे।

पुलिस का कहना है कि गिरोह काफी शातिर तरीके से काम करता था और वारदात के तुरंत बाद अलग-अलग जिलों या राज्यों में पहुंच जाता था।

35 से 40 वारदातें कबूल

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने 35 से 40 वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

बरामद 63 एटीएम कार्ड भी इसी प्रकार की ठगी की घटनाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इन कार्डों के आधार पर अन्य जिलों और राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस बरामदगी से कई मामलों के खुलने की उम्मीद

गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के और कितने सदस्य इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

साइबर और बैंकिंग विशेषज्ञों की मदद से खातों और लेनदेन की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से कई राज्यों में हुई एटीएम ठगी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम बूथ पर किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें। यदि किसी प्रकार की परेशानी हो तो सीधे बैंक कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड की सहायता लें।

इसके अलावा एटीएम इस्तेमाल करते समय अपना पिन नंबर किसी के सामने दर्ज न करें और कार्ड को हमेशा खुद ही मशीन में लगाएं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर इस तरह की ठगी से बचा जा सकता है। वहीं बैंक खातों से संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments