मुजफ्फरनगर में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शहर कोतवाली क्षेत्र में देर रात की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कथित रूप से अंतरराज्यीय चोरी गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान एक आरोपी घायल हो गया, जबकि दूसरे को तलाशी अभियान चलाकर हिरासत में लिया गया। मामले में बरामदगी और पूछताछ के आधार पर अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
नियमित चेकिंग के दौरान सामने आया मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शाहबुद्दीनपुर रोड क्षेत्र में देर रात वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही थी। अस्पताल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सोनू कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और चेकिंग अभियान चला रहे थे।
इसी दौरान दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर सवार युवकों को जांच के लिए रुकने का संकेत दिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों व्यक्तियों ने रुकने के बजाय वहां से निकलने का प्रयास किया, जिससे उन पर संदेह और बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और उन्हें रोकने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाब में पुलिस द्वारा भी आवश्यक कार्रवाई की गई। इस दौरान एक आरोपी घायल हो गया जबकि दूसरा मौके से भागने का प्रयास करने लगा।
अधिकारियों का कहना है कि घायल आरोपी की पहचान मुकेश ठाकुर के रूप में हुई है। वहीं दूसरा आरोपी अमित कश्यप बताया जा रहा है, जिसे बाद में क्षेत्र में चलाए गए कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने का दावा
प्रारंभिक जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी एक ऐसे गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो विभिन्न राज्यों में चोरी और सेंधमारी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के सदस्य वारदात के बाद अपने ठिकाने बदलते रहते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन हो जाती थी। अब पुलिस उनके संभावित नेटवर्क, संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
बरामद हुए हथियार और अन्य सामान
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई सामान बरामद करने का दावा किया है। इनमें एक अवैध तमंचा, कारतूस, मोबाइल फोन, टैबलेट और एक डिजिटल भुगतान मशीन शामिल है।
इसके अलावा दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। पुलिस जांच में एक मोटरसाइकिल चोरी की होने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार वाहन के दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसके बाद उसका संबंध पूर्व में दर्ज एक वाहन चोरी के मामले से पाया गया।
विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में चोरी, सेंधमारी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।
प्राथमिक जांच के अनुसार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के विभिन्न जिलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। हालांकि पुलिस अब इन सभी मामलों का सत्यापन कर रही है ताकि आरोपियों के आपराधिक इतिहास का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
नेटवर्क की गहन जांच जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों के आधार पर अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी किए गए सामान को कहां और किस माध्यम से बेचा जाता था। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में फैले संभावित संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को टीमवर्क और सतर्कता का परिणाम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के कारण यह सफलता मिली।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अभियान में शामिल टीम के कार्य की सराहना की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग से अपराध की रोकथाम और अपराधियों की पहचान में काफी मदद मिलती है।
साथ ही वाहन मालिकों को अपने वाहनों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी चोरी की घटना की तुरंत सूचना पुलिस को देने की सलाह भी दी गई है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में हुई इस कार्रवाई को पुलिस अपराध नियंत्रण अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।)
