कांवड़ यात्रा से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित जल दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से शनिवार को अलकनंदा नहर पुल पर पुलिस प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान बाढ़ राहत टीम की आपातकालीन प्रतिक्रिया, समन्वय और बचाव क्षमता का परीक्षण किया गया।
नहर में मैनक्विन गिराकर कराया गया रेस्क्यू अभ्यास
पुलिस अधीक्षक नगर एवं कांवड़ यात्रा के नोडल अधिकारी अमृत जैन के निर्देशन में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान एक मैनक्विन (डमी) को नहर में गिराकर दुर्घटना की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसके बाद वायरलेस के माध्यम से सूचना प्रसारित की गई।
सूचना मिलते ही बाढ़ राहत टीम और एंबुलेंस निर्धारित समय में मौके पर पहुंची। टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कर मैनक्विन को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया।
रिस्पॉन्स टाइम और समन्वय का हुआ मूल्यांकन
मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने राहत दल के रिस्पॉन्स टाइम, आपसी समन्वय, बचाव उपकरणों के उपयोग और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता का बारीकी से परीक्षण किया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।
श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील
पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों एवं चिन्हित स्थानों पर ही स्नान करें। नहरों और नदियों के गहरे या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
