रिपोर्ट: कबीर | ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर। जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र से एक पारिवारिक विवाद और कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। गांव कुटेशरा निवासी एक महिला ने अपने देवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि उसने घटना की शिकायत स्थानीय थाना पुलिस से की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उसे उच्च अधिकारियों की शरण लेनी पड़ी।
पीड़िता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में छेड़छाड़, धमकी और मारपीट से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि नहीं की गई थी। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस प्रशासन के स्तर पर की जानी है।
एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता
गांव कुटेशरा निवासी अमरीन पत्नी दिलशाद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव का सामना कर रही है और उसे न्याय की उम्मीद में एसएसपी कार्यालय पहुंचना पड़ा।
प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ हुई कथित घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई।
कमरे में घुसकर छेड़छाड़ का आरोप
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि 25 मई 2026 को उसका देवर शाहनवाज पुत्र रहीस उसके कमरे में आया और उसके साथ अनुचित व्यवहार करने का प्रयास किया। महिला का आरोप है कि उसने विरोध किया तो उसे धमकी दी गई।
महिला का कहना है कि घटना के बाद वह काफी भयभीत हो गई और उसने पूरी जानकारी अपनी मां को दी। पीड़िता के अनुसार घटना ने उसे मानसिक रूप से प्रभावित किया है और वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
प्रार्थना पत्र के अनुसार जब महिला की मां इसराना अपने भाई के साथ बेटी के घर पहुंचीं तो वहां विवाद और बढ़ गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ससुराल पक्ष के कुछ लोगों के साथ कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
महिला का दावा है कि इस दौरान उसकी मां और उनके साथ आए परिजन के साथ मारपीट की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मारपीट और चोट पहुंचाने के आरोप
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि विवाद के दौरान कथित रूप से कुछ लोगों ने मिलकर महिला की मां और मामा के साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमले के दौरान गंभीर चोटें आईं।
पीड़िता के अनुसार घटना के बाद परिवार में भय का माहौल बन गया। उसने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके।
डायल-112 पुलिस के पहुंचने का दावा
महिला ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि विवाद के दौरान उसकी मां और मामा को एक कमरे में बंद कर दिया गया था। शिकायत के अनुसार बाद में डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकाला गया।
हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुलिस बयान सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की समीक्षा की जा सकती है।
पति विदेश में, खुद को बताया असहाय
पीड़िता ने अपने आवेदन में कहा है कि उसके पिता का निधन हो चुका है और उसका पति विदेश में रहता है। ऐसे में वह खुद को असहाय महसूस कर रही है।
महिला का कहना है कि परिवारिक परिस्थितियों के कारण उसे अकेले संघर्ष करना पड़ रहा है। उसने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
पुलिस कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
महिला ने आरोप लगाया है कि उसने घटना के दिन ही थाना चरथावल में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उसके अनुसार अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और जांच किस स्तर पर पहुंची है। आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस शिकायत प्राप्त होने के बाद तथ्यों की जांच करती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करती है।
निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार पारिवारिक विवादों और महिलाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर नजर
फिलहाल यह मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है और पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
मामले की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। एक महिला द्वारा अपने देवर और अन्य परिजनों पर लगाए गए आरोपों के बाद उसने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
