रिपोर्टर: कबीर
अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ चला विशेष अभियान
मुजफ्फरनगर में बिना वैध अनुमति संचालित अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए छह स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया। इसके अलावा चार अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों को गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वाले संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और वैधानिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
मीरापुर क्षेत्र में किया गया औचक निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महक सिंह के नेतृत्व में मीरापुर क्षेत्र के विभिन्न निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई संस्थान ऐसे मिले, जो आवश्यक मानकों, वैध पंजीकरण अथवा जरूरी दस्तावेजों के बिना संचालित हो रहे थे। टीम ने सभी संस्थानों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की।
छह संस्थानों पर लगी सील
जांच में अनियमितताएं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने अपूर्वा फिजियोथैरेपी सेंटर, हुमैरा मेडिकल क्लिनिक, भारत पैथोलॉजी लैब, ह्यूमन केयर लैब, रोजी क्लिनिक फिजियोथैरेपी सेंटर तथा एक बिना नाम से संचालित अवैध लैब को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
विभाग का कहना है कि इन संस्थानों में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान नियमानुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की गई।
चार संस्थानों को जारी किए गए नोटिस
निरीक्षण के दौरान चार अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों में भी विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गईं। इन संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या कमियां दूर नहीं की गईं, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने दी सख्त चेतावनी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि जनपद में बिना वैध अनुमति या निर्धारित मानकों के संचालित किसी भी अस्पताल, क्लीनिक या पैथोलॉजी लैब को संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।
लोगों से की जागरूक रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे उपचार के लिए केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों, क्लीनिकों तथा पैथोलॉजी लैबों का ही चयन करें।
यदि किसी क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित स्वास्थ्य संस्थान की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
अभियान रहेगा जारी
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों की पहचान के लिए नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। छह संस्थानों को सील करने और चार को नोटिस जारी करने से स्पष्ट संदेश गया है कि बिना वैध अनुमति स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने और केवल अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों से ही उपचार कराने की अपील की है।
