रिपोर्ट: संदीप वर्मा
बाराबंकी से बड़ी खबर
बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के 1586 ग्रामों में चल रही पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पांच निर्माण एजेंसियों के कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में जनपद में कार्यरत मेघा, पीएनसी, वीएसए, वीटीएल और गायत्री निर्माण एजेंसियों द्वारा संचालित परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों से कार्यस्थलों पर तैनात कुशल और अकुशल श्रमिकों की संख्या का विवरण उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को निर्देश दिए कि श्रमिकों की संख्या का स्थलीय सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी परियोजनाओं में पर्याप्त श्रमिक कार्यरत हों।
समयबद्ध पूर्णता पर दिया जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एजेंसियों को अधिक से अधिक श्रमिक लगाकर लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
पेयजल शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जहां भी जलापूर्ति बाधित है या तकनीकी समस्या है, वहां संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था आपसी समन्वय स्थापित कर तत्काल समस्या का समाधान करें, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके।
गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण किए जाएंगे। यदि किसी परियोजना में लापरवाही, अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में डीडीओ भूषण कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), संबंधित विभागों के अधिकारी तथा मेघा, पीएनसी, वीएसए, वीटीएल और गायत्री निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
बाराबंकी में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जनपद के 1586 गांवों में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने, पर्याप्त श्रमिक लगाने, पेयजल शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य समयबद्ध तरीके से सभी ग्रामीणों तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
