रिपोर्टर: श्याम सिंह
औरैया। जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूढ़ादाना का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था, मिड-डे मील और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील का भोजन किया और उसकी गुणवत्ता की भी जांच की। साथ ही विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और प्रयोगशाला की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
बच्चों के साथ बैठकर खाया मिड-डे मील
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील ग्रहण किया और भोजन की गुणवत्ता, स्वाद तथा स्वच्छता की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।
उपस्थिति कम मिलने पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पंजीकृत 103 छात्रों के सापेक्ष केवल 33 छात्र उपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
स्कूल चलो अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल चलो अभियान के तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो अभी तक विद्यालय में नामांकित नहीं हैं या पढ़ाई से वंचित हैं। उन्होंने सभी पात्र बच्चों का शीघ्र नामांकन सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और प्रयोगशाला का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय (लाइब्रेरी) और प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वृक्षारोपण और स्वच्छ परिसर पर दिया जोर
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर को हराभरा और स्वच्छ बनाना विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षिक वातावरण के लिए आवश्यक है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष फोकस
निरीक्षण के अंत में डीएम बृजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और प्रभावी शैक्षिक गतिविधियां सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों से शासन की सभी शैक्षिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
