रिपोर्टर: शुभम सिंह, बांदा
कलेक्ट्रेट परिसर में दिव्यांगजनों ने उठाई अपनी आवाज
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में विभिन्न मांगों को लेकर दिव्यांगजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं, जिन पर अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुविधाओं के विस्तार की मांग की।
पेंशन बढ़ाने की प्रमुख मांग
प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों ने मासिक पेंशन बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान में मिलने वाली सहायता राशि बढ़ती महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पेंशन को ₹5,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग की, ताकि दैनिक जीवन की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सके।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजन महंगाई के कारण अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
रोजगार और स्वरोजगार की भी उठी मांग
दिव्यांगजनों ने ज्ञापन में बिना गारंटी ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी की। उनका कहना था कि यदि उन्हें स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार से रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने और दिव्यांगजनों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने का भी अनुरोध किया।
राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई पात्र दिव्यांगजन अब भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों के लिए अंत्योदय राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड शीघ्र जारी करने की मांग की।
उनका कहना था कि इन योजनाओं का लाभ समय पर मिलने से आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से काफी राहत मिल सकती है।
लंबित वादों को पूरा करने की अपील
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दिव्यांगजनों से जुड़े कई आश्वासन और मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने सरकार से इन मामलों की समीक्षा कर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे तो उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
दिव्यांगजनों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में पेंशन वृद्धि, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।
उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने भविष्य में लखनऊ और नई दिल्ली में भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने की बात कही।
हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पात्र लाभार्थियों की पहचान, दस्तावेजी प्रक्रिया और योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
उनका मानना है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से संचालन हो तो दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की मुख्यधारा में और बेहतर तरीके से अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।
निष्कर्ष
बांदा में दिव्यांगजनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पेंशन वृद्धि, स्वरोजगार के लिए ब्याज-मुक्त ऋण, अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
