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पांच मौतों के बाद भी जर्जर मकान में रहने को मजबूर दिव्यांग दंपति, सुरक्षित आवास की मांग

ब्यूरो: कबीर (मोबाइल नंबर गोपनीय)

मुजफ्फरनगर से बड़ी खबर

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के गांव हबीबपुर में हाल ही में कच्चा मकान गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद भी गांव में कई परिवार असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं। इनमें एक दिव्यांग दंपति भी शामिल है, जो लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर कच्चे मकान में जीवन बिता रहा है।

जर्जर मकान में रहने को मजबूर परिवार

स्थानीय लोगों के अनुसार, दिव्यांग दंपति अपने दो छोटे बच्चों के साथ बेहद जर्जर कच्चे मकान में रह रहा है। बारिश के चलते मकान की स्थिति और कमजोर हो गई है, जिससे किसी भी समय उसके गिरने की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और सुरक्षित आवास की आवश्यकता लंबे समय से बनी हुई है।

दिव्यांग महिला ने लगाई मदद की गुहार

दिव्यांग महिला हसीमा ने बताया कि उनके पति भी दिव्यांग हैं और परिवार में आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बारिश उनके परिवार के लिए चिंता का कारण बन जाती है।

हसीमा का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की, लेकिन अब तक उन्हें लाभ नहीं मिल सका। उनका आरोप है कि बीपीएल कार्ड न होने के कारण भी उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों ने जताई चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि दिव्यांग दंपति की स्थिति बेहद दयनीय है। उन्होंने आपसी सहयोग से परिवार के लिए अस्थायी छप्पर की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन उनका जर्जर मकान अब भी खतरे की स्थिति में है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।

ग्राम प्रधान ने क्या कहा?

ग्राम प्रधान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हुए सर्वे में गांव से केवल दो पात्रों का चयन किया गया था और उनकी सूची संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग दंपति का मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और उन्हें योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

हाल ही में गांव में हुए दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर के हबीबपुर गांव में दिव्यांग दंपति के जर्जर मकान में रहने का मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित आवास की आवश्यकता को सामने लाता है। पीड़ित परिवार ने सरकारी सहायता की मांग की है, जबकि ग्राम प्रधान ने मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने की बात कही है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाता है।

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