रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
साइबर क्राइम पुलिस ने संगठित ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़
मुजफ्फरनगर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि में कथित धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह पर हरिद्वार निवासी एक महिला की करीब 60.37 लाख रुपये की बीमा राशि धोखाधड़ी से हड़पने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चेकबुक और एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि बनी ठगी का माध्यम
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2019 में हरिद्वार निवासी सुमनलता ने एक जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। बाद में प्रीमियम जमा न कर पाने के कारण उन्होंने पॉलिसी बंद कर अपनी जमा धनराशि वापस लेने का अनुरोध किया। इसके बाद बीमा कंपनी ने लगभग 60.37 लाख रुपये की मैच्योरिटी राशि का चेक उनके पते पर कूरियर के माध्यम से भेजा।
जांच में आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान साइबर ठगों ने कथित रूप से चेक को बीच में ही गायब कर दिया और उसका दुरुपयोग किया।
नाम में कथित हेरफेर कर खाते में जमा कराया चेक
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से चेक में नाम से संबंधित हेरफेर कर उसे मुजफ्फरनगर के बिरालसी निवासी एक महिला के बैंक खाते में जमा करा दिया। इसके बाद धनराशि को कई अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर निकाल लिया गया।
जब पीड़िता को बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई तो उन्होंने बीमा कंपनी से संपर्क किया। कंपनी की आंतरिक जांच के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और इसकी जांच थाना साइबर क्राइम को सौंपी गई।
जांच में सामने आया संगठित नेटवर्क
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की। जांच में एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क के सक्रिय होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में इससे पहले भी इसी गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब तक हुई कार्रवाई के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद
पुलिस ने इस मामले में अनिल कुमार चौहान निवासी अमरोहा, सचिन निवासी हसनपुर (अमरोहा) और जितेंद्र कुमार उर्फ जितेश निवासी गजरौला (अमरोहा) को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक चेकबुक और दो एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि धनराशि के लेनदेन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। जांच एजेंसियां इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकार की ठगी के और कितने मामले इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक, बीमा, निवेश या किसी भी वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की नियमित निगरानी करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की आशंका हो तो तुरंत पुलिस या संबंधित संस्था को सूचित करें।
साथ ही लोगों से आग्रह किया गया है कि अपने व्यक्तिगत दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी और ओटीपी जैसी गोपनीय सूचनाएं किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई में करीब 60 लाख रुपये की बीमा राशि से जुड़ी कथित साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इससे पहले इसी मामले में तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
