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मुजफ्फरनगर जेल में बंदी से मारपीट के आरोप पर भाकियू (अराजनैतिक) का प्रदर्शन, दो दिन में जांच का आश्वासन

रिपोर्टर: कबीर

स्थान: मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

बंदी के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर कारागार के बाहर प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर जिला कारागार में एक बंदी के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जेल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने जेल प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

कई घंटों तक चले प्रदर्शन और वार्ता के बाद जेल प्रशासन ने मामले की जांच कर दो दिन के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

संगठन ने लगाए गंभीर आरोप

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने आरोप लगाया कि थाना रतनपुरी क्षेत्र के एक मामले में निरुद्ध एक कम उम्र के बंदी के साथ जिला कारागार की बैरक संख्या पांच में कुछ बंदियों द्वारा मारपीट की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि बंदी से कथित रूप से खाने-पीने का सामान छीन लिया गया और उससे जबरन काम भी कराया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।

मुलाकात के दौरान सामने आया मामला

संगठन के अनुसार, अगले दिन जब बंदी का भाई मुलाकात के लिए जिला कारागार पहुंचा तो बंदी ने उसे पूरी घटना की जानकारी दी।

इसके बाद परिजनों द्वारा जेल प्रशासन को शिकायत दी गई। संगठन का आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और बंदी को दोबारा परेशान किए जाने की बात भी सामने आई।

जेल प्रशासन से हुई लंबी वार्ता

मामले की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी जिला कारागार पहुंचे और जेल प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने मामले में तत्काल कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक और अन्य पदाधिकारियों की जेल अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। प्रारंभिक स्तर पर कोई सहमति नहीं बन सकी, लेकिन बाद में हुई वार्ता के दौरान जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कर दो दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

धरने के दौरान हुई नोकझोंक

प्रदर्शन के दौरान थाना नई मंडी क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी और भाकियू (अराजनैतिक) के कुछ पदाधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई।

संगठन का आरोप है कि धरने के दौरान पुलिस अधिकारी के हस्तक्षेप से माहौल तनावपूर्ण हो गया। संगठन के नेताओं ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दे दी गई है और संबंधित अधिकारी के व्यवहार की जांच की मांग भी की गई है।

जेल के भोजन की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने जिला कारागार में बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।

भाकियू (अराजनैतिक) ने मांग की कि भोजन के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बंदियों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

जेल प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

जेल प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि बंदी द्वारा लगाए गए आरोपों और अन्य शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कारागार में बंद प्रत्येक बंदी की सुरक्षा और अधिकारों का संरक्षण उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

संगठन ने दी आगे आंदोलन की चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने कहा कि यदि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।

हालांकि, फिलहाल जेल प्रशासन के लिखित एवं मौखिक आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया है। संगठन ने कहा कि वह मामले की प्रगति पर लगातार नजर बनाए रखेगा।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंदी के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर, जेल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अब इस मामले में जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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