रिपोर्ट: विरेन्द्र तोमर, बागपत
बागपत जनपद में गर्मी के मौसम में बिक रहे तरबूज और खरबूजों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजारों में कथित रूप से केमिकल और इंजेक्शन के जरिए पकाए गए फल धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
मामले को लेकर बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, बिनौली और छपरौली समेत जिले के कई क्षेत्रों में चर्चाएं तेज हैं। लोगों ने खाद सुरक्षा विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
केमिकल इंजेक्शन से फल पकाने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि तरबूज और खरबूजों को जल्दी पकाने, ज्यादा लाल दिखाने और मिठास बढ़ाने के लिए कथित रूप से खतरनाक रसायनों और इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
लोगों का आरोप है कि इस तरह के फल बाजारों में खुलेआम बेचे जा रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार केमिकलयुक्त फलों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
लोगों में यह चिंता भी जताई जा रही है कि ऐसे फलों से फूड पॉइजनिंग, लीवर और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग तरबूज और खरबूजे का सेवन करते हैं, ऐसे में मामले को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
खाद सुरक्षा विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाजारों में फलों की नियमित जांच नहीं हो रही है।
लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर खाद सुरक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप क्यों हैं।
जांच अभियान चलाने की मांग
जनता ने प्रशासन और खाद सुरक्षा विभाग से जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि बाजारों में बिक रहे फलों के सैंपल लेकर जांच कराई जाए और यदि केमिकल का इस्तेमाल पाया जाए तो संबंधित विक्रेताओं और सप्लायरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों ने सतर्क रहने की अपील की
स्थानीय लोगों ने उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। लोगों का कहना है कि फल खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और रंग पर ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर बागपत जनपद में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
