रिपोर्ट – पवन कुमार श्रीमाली
लोकेशन – खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
फतेहपुर जनपद में एक बार फिर अवैध मोरंग खनन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। थाना किशनपुर क्षेत्र के संगोलीपुर मड़ैयन स्थित मौरंग खदान में यमुना नदी की जलधारा को प्रभावित कर अवैध खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया बड़े पैमाने पर नियमों को दरकिनार कर मोरंग निकालने में जुटे हुए हैं, जबकि संबंधित विभाग कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।
यमुना की जलधारा रोककर खनन का आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार खदान क्षेत्र में बड़ी बूम वाली पोकलैंड मशीनों का इस्तेमाल कर यमुना की जलधारा को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि पानी के भीतर से मोरंग निकालने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है ताकि दूसरे सीमावर्ती हिस्सों तक पहुंचकर खनन किया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी की प्राकृतिक धारा के साथ छेड़छाड़ पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है। इसके बावजूद प्रशासन और खनन विभाग की ओर से अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
खनन विभाग की कार्यशैली पर सवाल
फतेहपुर जनपद में अवैध मोरंग खनन का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में बना रहता है। समय-समय पर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में खबरें सामने आने के बावजूद हालात में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि प्रभावशाली संरक्षण और कथित मिलीभगत के चलते अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही।
ओवरलोड ट्रकों के संचालन का भी आरोप
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि खदानों से निकलने वाले कई ट्रकों में मोरंग की ओवरलोडिंग की जा रही है। आरोप है कि खदान से ही नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में मोरंग लादकर वाहन रवाना किए जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि जल्द ही ओवरलोड वाहनों और खनन गतिविधियों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं, जिनमें कथित अनियमितताओं का खुलासा होने की बात कही जा रही है।
पर्यावरण और सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि नदी की जलधारा में भारी मशीनों के उपयोग और अवैध खनन से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है। इससे जलीय जीवन, खेती और भूजल स्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अवैध खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन या खनन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं।
