रिपोर्ट: कबीर ब्यूरो
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र को मिली बड़ी विकास परियोजना
मुजफ्फरनगर जनपद के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना की शुरुआत हो गई है। बरला–बसेड़ा–मोरना मार्ग पर गंग नहर के ऊपर स्थित लंबे समय से क्षतिग्रस्त और बंद पड़े सेतु के पुनर्निर्माण कार्य का रविवार को विधिवत भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई।
वर्षों से इस पुल के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। परियोजना के शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
लंबे समय से बंद था क्षतिग्रस्त पुल
गंग नहर पर बना यह पुल काफी समय से जर्जर अवस्था में था। तकनीकी खामियों और सुरक्षा कारणों के चलते इसे आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। पुल बंद होने के कारण आसपास के गांवों के हजारों लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुल बंद होने के बाद उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही थी। विशेष रूप से किसानों, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही थी।
किसानों और व्यापारियों को होगा सीधा लाभ
भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि पुल निर्माण पूरा होने के बाद किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। वर्तमान में किसानों को अपनी फसल और कृषि उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ जाती है।
नए पुल के निर्माण के बाद किसानों को बेहतर और सुगम संपर्क मार्ग मिलेगा। इससे कृषि उत्पादों को समय पर बाजार तक पहुंचाना आसान होगा और किसानों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों को भी आवागमन की सुविधा मिलने से व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
विद्यार्थियों की समस्या का होगा समाधान
पुल बंद होने का असर शिक्षा क्षेत्र पर भी देखने को मिल रहा था। आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। कई छात्रों को अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ता था।
नए सेतु के निर्माण के बाद छात्रों को शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि शिक्षा के प्रति छात्रों की पहुंच भी और बेहतर होगी।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यह परियोजना बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री की स्वीकृति से मिली परियोजना को गति
मंत्री अनिल कुमार ने बताया कि क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मंजूर की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल बड़े शहरों का विकास करना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक और मजबूत आधारभूत संरचना विकसित करना है। इसी सोच के तहत इस महत्वपूर्ण पुल के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया गया।
विकास के नए रास्ते खोलेगा नया सेतु
मंत्री ने कहा कि नया पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास का नया द्वार साबित होगा। बेहतर संपर्क व्यवस्था से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती हैं। जब आवागमन बेहतर होता है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद बरला, बसेड़ा, मोरना और आसपास के कई गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग
भूमि पूजन कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तितावी गन्ना समिति के अध्यक्ष शंकर सिंह भोला ने की, जबकि संचालन भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज त्यागी ने किया।
कार्यक्रम में बिजनौर लोकसभा सांसद चंदन चौहान, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय राठी, सुप्रिया पाल, अमरनाथ पाल सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
इस दौरान सभी वक्ताओं ने क्षेत्र के विकास के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर
पुल निर्माण कार्य शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर देखी जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही एक बड़ी समस्या का अब समाधान होता दिखाई दे रहा है।
लोगों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने से सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुल और सड़क जैसी परियोजनाएं स्थानीय विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बेहतर संपर्क व्यवस्था से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
गंग नहर पर बनने वाला यह नया सेतु भी क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र में गंग नहर पर नए सेतु का निर्माण कार्य शुरू होना विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल हजारों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा। किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: कबीर
