रिपोर्टर: अखिलेन्द्र राजपूत
पहली ही बरसात में चेकडैम को नुकसान
उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पनवाड़ी विकासखंड के ग्राम चुरारी में लघु सिंचाई विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित चेकडैम पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जताई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि चेकडैम का निर्माण क्षेत्र में जल संरक्षण और किसानों की सुविधा के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन पहली ही बरसात में इसके क्षतिग्रस्त होने से लोगों को निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ होता तो इतनी जल्दी नुकसान नहीं होता।
गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल
चेकडैम के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर निर्माण कार्य की सही तरीके से निगरानी की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
हालांकि, अभी तक संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विभाग के जवाब का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक लघु सिंचाई विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
फिलहाल यह मामला स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आई तस्वीरों एवं जानकारी के आधार पर चर्चा में है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग जांच में क्या निष्कर्ष निकालता है और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
