रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद अब कानूनी और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अपनी बहू और उसके मायके पक्ष के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक, सामाजिक तथा आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, बुढ़ाना क्षेत्र के सपीपुर पट्टी लुहसाना रोड स्थित मदीना मस्जिद के पास रहने वाले हाजी शहजाद ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पुत्र उबेदुल्ला का विवाह अप्रैल 2024 में शामली जनपद निवासी मुस्कान के साथ मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ था।
परिवार के अनुसार, विवाह के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में घरेलू मतभेद बढ़ने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन मतभेदों ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया और परिवार के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ता चला गया।
पारिवारिक रिश्तों में बढ़ा तनाव
हाजी शहजाद का आरोप है कि विवाह के बाद परिवार में कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उनका कहना है कि घरेलू मामलों को लेकर लगातार कहासुनी होती रही, जिससे परिवार का माहौल प्रभावित हुआ।
शिकायतकर्ता के अनुसार, समय के साथ स्थिति और जटिल होती गई। उनका आरोप है कि परिवार के कुछ सदस्यों को विभिन्न मामलों में फंसाने की धमकियां भी दी गईं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच अभी संबंधित अधिकारियों के स्तर पर अपेक्षित है।
कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई का दावा
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मई 2026 में एक विवाद के दौरान बहू के मायके पक्ष के कुछ लोग उनके घर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस दौरान उनके और उनके पुत्र के साथ अभद्र व्यवहार तथा मारपीट की घटना हुई।
बताया गया कि घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता के पुत्र को थाने ले जाया गया। बाद में उसके खिलाफ शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका से संबंधित कानूनी कार्रवाई की गई। परिवार का कहना है कि न्यायालय से उन्हें राहत मिल गई थी, लेकिन इस घटना के बाद वे खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे।
सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह
हाजी शहजाद का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी दी थी। उनके अनुसार, सुरक्षा और साक्ष्य के उद्देश्य से उन्हें घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह दी गई थी।
परिवार का दावा है कि उन्होंने पुलिस की सलाह का पालन करते हुए अपने घर में कैमरे लगवा दिए। उनका कहना है कि इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ और दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा।
15 लाख रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पुत्र से 15 लाख रुपये की मांग की गई। उनका दावा है कि रकम नहीं देने की स्थिति में झूठे मुकदमों में फंसाने और अन्य कानूनी परेशानियां खड़ी करने की धमकियां दी गईं।
हालांकि दूसरी ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दर्ज मुकदमे को बताया गलत
हाजी शहजाद ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके परिवार और एक रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा तथ्यों पर आधारित नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त मानसिक और आर्थिक दबाव पड़ा है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी पक्षों की बात सुनकर उचित निर्णय लिया जाए।
एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर रहा है और उन्हें निष्पक्ष जांच की उम्मीद है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की भी मांग की है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक स्थिति क्या है और किस पक्ष के दावे सही हैं।
ऐसे मामलों में विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों को कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए। निष्पक्ष जांच ही किसी भी विवाद के समाधान का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला एक पारिवारिक विवाद से जुड़ा है, जो अब कानूनी जांच के दायरे में पहुंच चुका है। शिकायतकर्ता ने बहू और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही संभव होगी। प्रशासनिक स्तर पर मामले की समीक्षा और जांच के बाद ही वास्तविक तथ्यों का पता चल सकेगा।
(नोट: इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी है। जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता।)
