रिपोर्ट शुभम सिंह
बांदा (उत्तर प्रदेश)/उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर पार्टी ने धरातल पर अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बांदा जिले में कांग्रेस पर्यवेक्षकों का एक महत्वपूर्ण दौरा संपन्न हुआ, जहाँ आगामी चुनाव की रणनीतियों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने और टिकट दावेदारों पर गहन मंथन किया गया।
इस बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण रहा जिलाध्यक्ष पद के लिए युवा और कर्मठ नेता विनय सिंह ‘शानू’ द्वारा सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रस्तुत की गई मजबूत दावेदारी।
बांदा के स्टेशन रोड स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शाम 5 बजे एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में AICC पर्यवेक्षक एवं गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री विमल शाह तथा PCC पर्यवेक्षक व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
पार्टी कार्यालय पहुँचने पर जनपद के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला एवं शहर इकाई के कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के बीच पर्यवेक्षकों का भव्य स्वागत किया। बैठक के दौरान पर्यवेक्षकों ने साफ किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बांदा में एक ‘तेज-तर्रार’ और ऊर्जावान कमेटी का गठन किया जाएगा, ताकि चुनावी मैदान में केवल जिताऊ और समर्पित चेहरों को ही आगे लाया जा सके।
बैठक के दौरान सैकड़ों टिकट दावेदारों और कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक उत्साह और भीड़ विनय सिंह (शानू) की दावेदारी के दौरान देखी गई।
विनय सिंह ‘शानू’ अपने सैकड़ों निष्ठावान समर्थकों के साथ जिला कार्यालय पहुँचे और जिलाध्यक्ष पद के लिए अपना औपचारिक आवेदन पर्यवेक्षकों को सौंपा। समर्थकों के इस भारी हुजूम ने यह स्पष्ट कर दिया कि जमीनी स्तर पर युवा कार्यकर्ताओं के बीच शानू का जनाधार कितना मजबूत है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि पार्टी विनय सिंह ‘शानू’ के नाम पर विचार करती है, तो बांदा कांग्रेस को एक नई सोच, आक्रामक ऊर्जा और समर्पित युवा नेतृत्व मिलेगा।
विनय सिंह ‘शानू’ का कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पण किसी पहचान का मोहताज नहीं है। वर्ष 2005 से पार्टी की विचारधारा से जुड़े शानू ने संगठन के विभिन्न स्तरों पर रहकर लगातार काम किया है।
🔹वर्ष 2009 से 2010 तक छात्र राजनीति के दौर में NSUI के जिलाध्यक्ष रहकर छात्रों के मुद्दों को प्रखरता से उठाया।
🔹वर्ष 2011 से 2013 तक युवा कांग्रेस के चुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा अध्यक्ष बने। यह वही दौर था जब जिलाध्यक्ष का पद समाप्त कर पहली बार विधानसभा व लोकसभा स्तर पर सांगठनिक चुनाव कराए गए थे।
🔹वर्ष 2021 में युवाओं को एकजुट करने के लिए युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनीत हुए और कई जनआंदोलनों का नेतृत्व किया।
🔹वर्ष 2024 में कांग्रेस की मुख्य समिति में जिला सचिव की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।
20 सालों के इस लंबे राजनीतिक सफर में शानू ने संगठन के हर पद पर रहकर पार्टी को मजबूती दी है। यही कारण है कि आज जिले का युवा कार्यकर्ता उन्हें जिलाध्यक्ष के रूप में देखने के लिए बेहद उत्सुक है।
वही कांग्रेस कार्यकर्ता केशव पाल का कहना है कि “विनय सिंह शानू जी ने 2005 से लगातार पार्टी के लिए पसीना बहाया है। NSUI से लेकर मुख्य समिति तक उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। अगर ऐसे जमीन से जुड़े युवा नेता को जिलाध्यक्ष बनाया जाता है, तो 2027 के चुनाव में बांदा में कांग्रेस एक नई ताकत बनकर उभरेगी।”
AICC और PCC पर्यवेक्षकों ने बांदा के सभी कार्यकर्ताओं और दावेदारों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना है। अब देखना यह होगा कि क्या शीर्ष नेतृत्व बांदा में 2027 की जंग फतह करने के लिए 20 सालों से पार्टी में डटे विनय सिंह ‘शानू’ जैसे युवा चेहरा पर अपना दांव लगाता है या नहीं।
