रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। विदेशी मुद्रा रियाल के बदले भारतीय रुपये देने का झांसा देकर तीन लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का मीरापुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 हजार रुपये नकद और पांच रियाल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने बिजनौर के एक होटल संचालक को अपने जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दिया था।
500 रुपये के बदले 50 रियाल देने का दिया था झांसा
पुलिस के अनुसार, बिजनौर के मोहल्ला रांघड़ान निवासी मोहम्मद इमरान का होटल है। कुछ समय पहले एक व्यक्ति उनके होटल पर खाना खाने आया था। बातचीत के दौरान उसने भारतीय रुपये के बदले रियाल देने की बात कही। उसने 50 रियाल का एक नोट दिखाते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसे कई नोट हैं। इसके बाद 500 रुपये के बदले 50 रियाल देने का सौदा तय हो गया।
मां की बीमारी का बहाना बनाकर बुलाए तीन लाख रुपये
आरोप है कि छह अक्तूबर को उस व्यक्ति ने इमरान को फोन किया और अपनी मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर तीन लाख रुपये की जरूरत बताई। उसने रुपये लेकर मीरापुर आने को कहा। उसकी बातों में आकर इमरान तीन लाख रुपये लेकर मीरापुर पहुंच गए। वहां आरोपी के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। आरोपियों ने रुपये लेने के बाद उन्हें रियाल के नोटों से भरा एक बैग थमा दिया और वहां से चले गए।
बैग खोला तो ऊपर रियाल, नीचे रद्दी कागज
इमरान ने बाद में बैग खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। बैग में ऊपर की तरफ रियाल का एक नोट रखा था, जबकि नीचे रियाल की गड्डियों के बजाय रद्दी कागज भरे हुए थे। इस तरह आरोपियों ने कथित तौर पर विदेशी मुद्रा देने के नाम पर उनसे तीन लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर मीरापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
बिजनौर रोड पर कोल्हू के पास से गिरफ्तारी
मीरापुर थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, 10 अक्तूबर को मुखबिर की सूचना पर बिजनौर रोड स्थित चंदू पुत्र बीदू निवासी बलीपुरा के कोल्हू के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीजुल और मोहम्मद सीपन निवासी पश्चिम बंगाल, हाल निवासी दिल्ली, रुखसाना निवासी लोनी, गाजियाबाद और पूजा निवासी सीमापुरी, दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 हजार रुपये नकद और पांच रियाल बरामद किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 302(2), 317(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक ओमेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक कामिल चौधरी, हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल अंकित नागर, शिवम कुमार, सचिन कुमार और महिला कांस्टेबल जिम्पी यादव शामिल रहे।
