Homeउत्तर प्रदेशमेरठ से मुजफ्फरनगर तक फैला अवैध हथियारों का कारोबार, तीन तस्कर गिरफ्तार

मेरठ से मुजफ्फरनगर तक फैला अवैध हथियारों का कारोबार, तीन तस्कर गिरफ्तार

सरधना के तीन युवकों को कोतवाली नगर पुलिस ने दबोचा, दो तमंचे और .32 बोर की पिस्टल बरामद

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का कोतवाली नगर पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मेरठ के सरधना निवासी तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे 315 बोर, एक .32 बोर की पिस्टल मैगजीन सहित, तीन मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पकड़े गए आरोपी मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र निवासी सितारा से हथियार खरीदकर महंगे दामों पर बेचने का काम करते थे।

पुलिस के मुताबिक, 29 अक्तूबर को कोतवाली नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध हथियारों की बिक्री के लिए न्याजूपुरा-चरथावल रोड स्थित काली नदी पुल के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से अवैध हथियार बरामद हुए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांद पुत्र रहीमुद्दीन निवासी आजाद नगर सरधना, मोहम्मद अहमद पुत्र रहीसुद्दीन निवासी सर्वोदय स्कूल के पीछे सरधना और समीर पुत्र जान मोहम्मद निवासी कमरा नवाब कॉलोनी चुंगी, सरधना जनपद मेरठ के रूप में हुई है।

तीन-चार हजार का तमंचा छह-सात हजार में बेचते थे

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने हथियारों की खरीद-फरोख्त का तरीका बताया। पुलिस के अनुसार, आरोपी मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र के मैनापुट्ठी निवासी सितारा पुत्र तरीकत से तमंचे तीन से चार हजार रुपये में खरीदते थे और उन्हें छह से सात हजार रुपये में बेच देते थे। वहीं .32 बोर की पिस्टल 30 से 35 हजार रुपये में खरीदकर 45 से 60 हजार रुपये तक में बेचने का काम करते थे। इस कारोबार से होने वाले मुनाफे को तीनों आपस में बांट लेते थे।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे किसी एक निश्चित ग्राहक के लिए हथियार नहीं लाते थे, बल्कि ग्राहक मिलने पर उसे असलहा बेच देते थे। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियार भी कुछ दिन पहले सितारा से खरीदे गए थे और तीनों उन्हें बेचने के लिए मुजफ्फरनगर पहुंचे थे।

नंबर प्लेट हटाकर करते थे मोटरसाइकिल का इस्तेमाल

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह बाइक उनके एक दोस्त की है, जिसे वे मांगकर लाए थे। हथियारों की खरीद-फरोख्त में इसी बाइक का इस्तेमाल करते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने बाइक की नंबर प्लेट हटा दी थी। जांच में बाइक का पंजीकरण नंबर UP15 EE 8102 सामने आया है।

हथियार सप्लायर की तलाश में पुलिस की टीम

कोतवाली नगर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 484/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 3/5/25 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब इस अवैध हथियार नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियां खंगाल रही है। हथियार उपलब्ध कराने वाले सितारा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक किन-किन लोगों को अवैध हथियार बेचे हैं और इस कारोबार में उनके साथ अन्य कौन लोग जुड़े हैं।

कार्रवाई करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक गोविंद चौधरी, अभिमन्यु सिंह समेत कोतवाली नगर पुलिस के जवान शामिल रहे। थाना प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब हथियारों के सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी है।

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