साइबर ठगों के जाल में फंसाकर लूटी रकम, 25.18 लाख रुपये फ्रीज; पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू
रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में जम्मू-कश्मीर से गिरोह के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। साथ ही ठगी गई रकम में से 25 लाख 18 हजार 918 रुपये फ्रीज कर पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
थाना साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार पीड़ित को फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। आरोपी महिला ने खुद को गीतिका कपूर उर्फ “जीजी” बताते हुए पहले दोस्ती की और फिर बातचीत के जरिए विश्वास कायम कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से फर्जी मुनाफा दिखाकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया गया।
आरोपियों ने DGXC नाम की वेबसाइट पर निवेश कराने के बहाने अलग-अलग तिथियों में पीड़ित से कुल 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा लिए। वेबसाइट पर निवेश का फर्जी लाभ दिखाया जाता रहा, लेकिन जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो फाइनल वेरिफिकेशन, डेटा रिपेयरिंग और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया का हवाला देकर उससे लगातार और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के जिला जम्मू निवासी विक्रमजीत पुत्र केवल कृष्ण को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर में मुकदमा संख्या 22/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(2), 338, 340(2), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से ‘सिरले’ नाम की एक विदेशी महिला ने उसे अतिरिक्त कमाई का लालच देकर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया था। उसके खाते में करीब 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जिन्हें उसने चेक और एटीएम के जरिए निकालकर जम्मू निवासी अरमान नामक व्यक्ति से USDT (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदकर विदेशी महिला के डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के एचडीएफसी बैंक खातों से संबंधित एनसीआरपी पोर्टल पर तीन शिकायतें पहले से दर्ज हैं, जिनमें लगभग 1 करोड़ 95 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी का उल्लेख है। इनमें आरोपी के खाते में करीब 12 लाख रुपये आने की पुष्टि हुई है।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, चेकबुक, चेक और नकदी बरामद की गई थी।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
