रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। भारी बारिश के बावजूद कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरने में डटे रहे। सीएमओ की ओर से कार्रवाई संबंधी पत्र जारी होने के बाद कर्मचारियों में बढ़े आक्रोश के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कर्मचारियों की मांगें पूरी करने और उनके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की है।
चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि महंगाई के दौर में कम मानदेय पर काम करने वाले संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उनकी मांगें जायज हैं और सरकार को तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई बंद नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन उनके समर्थन में सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने मानदेय में सम्मानजनक और समान रूप से वृद्धि करने की जरूरत बताई। कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और भविष्य से जुड़ा विषय है। सरकार को नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने बताया कि सातवें दिन भी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए धरना दिया। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ है। डॉ. सुदेश वर्मा ने कहा कि कार्रवाई संबंधी पत्र के बावजूद कर्मचारियों की एकजुटता कायम है। प्रशासन को दबाव बनाने के बजाय बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए।
स्टाफ नर्स डिंपल ने बताया कि आंदोलन के दौरान आपातकालीन सेवाएं फिलहाल बहाल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन व्यापक हो सकता है।
धरने में डॉ. सचिन जैन, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. शमशेर, डॉ. विजीत, डॉ. रमाशंकर, जुनैद, रवि कुमार, लवलेश, डॉ. सुधा, समीना नाज, निर्मला चौधरी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
